कश्मीर में खूनी तांडव की साजिश! मुनीर का 'पहलगाम प्लान' तैयार, ट्रंप को जंग में घसीटने के लिए भारत पर महा-हमले का अलर्ट
ईरान-US मध्यस्थता में नाकामी के बाद पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर कश्मीर में पहलगाम जैसी आतंकी साजिश रच रहे हैं। खुफिया विभाग (IB) ने चेतावनी दी है कि पाकिस्तान इस तनाव के जरिए भारत को उकसाने और कश्मीर मुद्दे पर अमेरिकी हस्तक्षेप हासिल करने की कोशिश में है।
Asim Munir Controversy
पाकिस्तान को डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हालिया कूटनीतिक संकेत मिलने के बाद एक बार फिर उसके इरादों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। खुफिया सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर जम्मू-कश्मीर में पहलगाम जैसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। इस कथित रणनीति का उद्देश्य एक ओर भारत को उकसाना और दूसरी ओर कश्मीर मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाना बताया जा रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह रणनीति अमेरिका और पाकिस्तान के बीच बढ़ती नजदीकियों के आकलन पर आधारित है। खुफिया अधिकारियों का मानना है कि यह दोहरी रणनीति हो सकती है पहला, घाटी में स्थानीय आतंकी नेटवर्क को फिर से सक्रिय कर अस्थिरता बढ़ाना और पर्यटन को प्रभावित करना; दूसरा, सीमा पार से घुसपैठ कराकर बड़े हमले की कोशिश करना।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पाकिस्तान इस जोखिम को उठाने के लिए तैयार दिख रहा है कि भारत जवाबी कार्रवाई में उसके आतंकी ठिकानों को निशाना बनाए। ऐसी स्थिति में वह अंतरराष्ट्रीय हस्तक्षेप, खासकर अमेरिका की भूमिका बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। माना जा रहा है कि इस तरह की स्थिति से पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर कश्मीर मुद्दे को उभारने की कोशिश करेगा।
बताया जा रहा है कि आसिम मुनीर के लिए यह दांव व्यक्तिगत और राजनीतिक दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण हो सकता है। अमेरिका-ईरान तनाव के बीच मध्यस्थता की कोशिशों में सफलता न मिलने के बाद उनकी छवि पर असर पड़ा है, और घरेलू स्तर पर बढ़ती आलोचना के बीच वे अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए कश्मीर मुद्दे को उभारना चाह सकते हैं।
वहीं, भारत ने हमेशा कश्मीर को अपना आंतरिक मामला बताया है और बाहरी हस्तक्षेप को खारिज किया है। 2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद भी यह रुख कायम है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि पाकिस्तान छोटे-छोटे हमलों के जरिए सुरक्षा बलों का ध्यान बांटने और फिर बड़े हमले की कोशिश कर सकता है। ऐसी किसी भी आशंका को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क बनी हुई हैं।