Pak ने मेगा डिफेंस डील के बाद अब सऊदी से की सबसे बड़ी फाइनेंस डील, अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा जोरदार असर

पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ बड़ा वित्तीय समझौता किया और ‘बुना’ पेमेंट सिस्टम का उपयोग शुरू किया। यह कदम पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था और डिजिटल लेनदेन को मजबूत करेगा।

Update:2025-09-19 16:02 IST

Buna payment system Pakistan: सऊदी अरब के साथ मेगा डिफेंस डील के बाद अब पाकिस्तान ने एक और बड़ा कदम उठाया है। पाकिस्तान अब अरब देशों के ऑनलाइन पेमेंट सिस्टम 'बुना' (BUNA) का इस्तेमाल करेगा। यह अरब मुद्रा कोष (AMF) के स्वामित्व वाला एक सीमा-पार मल्टी-करेंसी प्लेटफॉर्म है जो अरब क्षेत्र में वित्तीय लेनदेन को तेज और सुरक्षित बनाता है। यह कदम पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और सऊदी अरब के साथ वित्तीय एकीकरण को गहरा करने की रणनीति का एक हिस्सा है।

क्या है 'बुना' पेमेंट सिस्टम?

'बुना' को 2020 में लॉन्च किया गया था। यह सऊदी रियाल और अमीराती दिरहम जैसी करेंसी में लेनदेन करता है। यह वित्तीय संस्थानों को अरब क्षेत्र और उसके बाहर अरब और अंतर्राष्ट्रीय मुद्राओं में भुगतान भेजने और प्राप्त करने की अनुमति देता है। अब पाकिस्तान भी सीमित रूप में इसका सदस्य बन गया है जिससे खासकर विदेश में रहने वाले पाकिस्तानी नागरिकों को लाभ होगा।

क्रॉस-बॉर्डर लेनदेन: इस सिस्टम से सीमा-पार लेनदेन आसान और सुरक्षित हो जाएगा।

केवल विदेश से पैसे भेजने के लिए: फिलहाल पाकिस्तान में रहने वाले नागरिक इस प्लेटफॉर्म से देश से बाहर पैसा नहीं भेज पाएंगे। इसका उपयोग केवल विदेश से पाकिस्तान में पैसा भेजने के लिए किया जाएगा।

तेज और कम लागत: 'बुना' अरब देशों और उनके सहयोगियों के बीच तेज सुरक्षित और कम लागत वाले लेनदेन को बढ़ावा देता है।

पाकिस्तान का 'डिजिटल' लक्ष्य

इस डील की जानकारी देते हुए स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान के गवर्नर जमीन अहमद ने कहा कि नया सिस्टम मनी ट्रांसफर को तेज और सुरक्षित बनाएगा। उन्होंने आगे कहा कि 2028 तक पाकिस्तान के 75% युवाओं को डिजिटल वित्तीय सेवाएं प्रदान करने का लक्ष्य है जबकि जून 2026 तक केंद्र और राज्य स्तर पर कैशलेस अर्थव्यवस्था शुरू की जाएगी। यह कदम पाकिस्तान को एक आधुनिक और डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास है। जमीन अहमद ने यह भी बताया कि एसबीपी पहले ही डिजिटल भुगतान के लिए पांच लाइसेंस जारी कर चुका है और डिजिटल लेनदेन पर 0.5% व्यापार शुल्क नहीं लगेगा जिससे डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा मिलेगा।

सऊदी अरब के साथ 'रणनीतिक' डील

यह खबर ऐसे समय में आई है जब पाकिस्तान और सऊदी अरब ने 17 सितंबर 2025 को रियाद में एक 'स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट' पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत किसी एक देश पर हमला दोनों पर हमला माना जाएगा। यह डील मध्य पूर्व में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव खासकर इजरायल के कतर पर हमले के बाद सऊदी अरब की सुरक्षा निर्भरता को अमेरिका पर कम करने की रणनीति का हिस्सा है। पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार होने के कारण यह समझौता रणनीतिक रूप से और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। भारत ने इस डील के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय सुरक्षा पर प्रभावों का अध्ययन करने की बात कही है।

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