रूस ने तालिबान को दी मान्यता, सारे प्रतिबंध हटाए! क्या अब अफगानिस्तान में आएगी शांति?

रूस ने अफगानिस्तान के तालिबान शासन को पहली बार औपचारिक मान्यता दी और प्रतिबंध हटा लिए हैं। क्या इस कदम से अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता आएगी? जानें तालिबान की प्रतिक्रिया और रूस के फैसले की पूरी जानकारी।

Update:2025-07-04 13:50 IST

Russia recognizes Taliban lifts all sanctions Will there be peace in Afghanistan now

Russia Taliban Recognition: रूस गुरुवार को अफगानिस्तान के तालिबान शासन को मान्यता देने वाला पहला देश बन गया है। 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से अब तक किसी भी देश ने अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को औपचारिक रूप से मान्यता नहीं दी थी। लेकिन अब रूस ने यह कदम उठाया है। इसके साथ ही रूस ने तालिबान को अपने प्रतिबंधित संगठनों की सूची से भी हटा दिया है।

तालिबान ने रूस के फैसले पर क्या प्रतिक्रिया दी?

रूस के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की कि उसने अफगानिस्तान के नए राजदूत गुल हसन हसन से राजनयिक मान्यता-पत्र प्राप्त किया है। मंत्रालय ने कहा कि अफगान सरकार को औपचारिक मान्यता देने से द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसे एक ऐतिहासिक कदम बताया और तालिबान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने इसे "दूसरे देशों के लिए एक अच्छा उदाहरण" करार दिया।

तालिबान की अंतरराष्ट्रीय मान्यता की मांग

2021 में अफगानिस्तान की सत्ता में आने के बाद से तालिबान अंतरराष्ट्रीय मान्यता की मांग कर रहा था। अमेरिका और नाटो बलों की वापसी के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान की सत्ता संभाली और यहां इस्लामी कानून लागू किया। हालांकि, अब तक किसी भी देश ने तालिबान की सरकार को औपचारिक मान्यता नहीं दी थी, लेकिन तालिबान ने कई देशों के साथ बातचीत की और कुछ देशों जैसे चीन और संयुक्त अरब अमीरात से राजनयिक संबंध स्थापित किए हैं।

महिलाओं पर तालिबान के प्रतिबंध

तालिबान के शासन में महिलाओं पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं, जिससे अफगानिस्तान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ा है। तालिबान ने पहले सत्ता में आने पर 1996 से 2001 तक के अपने पुराने शासन की तुलना में अधिक उदार शासन देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आते ही महिलाओं और लड़कियों पर कई तरह के प्रतिबंध लागू कर दिए। महिलाओं को अधिकांश नौकरियों और सार्वजनिक जगहों पर जाने से रोका गया, और लड़कियों को छठी कक्षा के बाद की शिक्षा से वंचित कर दिया गया।

पुतिन का फैसला और सर्गेई की सलाह

हाल के दिनों में रूस के अधिकारियों ने अफगानिस्तान में शांति और स्थिरता लाने के लिए तालिबान से जुड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसी सिलसिले में रूस ने तालिबान पर लगा प्रतिबंध हटा लिया था। रूस के अफगानिस्तान में राजदूत दिमित्री झिर्नोव ने कहा कि तालिबान को औपचारिक मान्यता देने का निर्णय राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की सलाह पर लिया था। झिर्नोव ने बताया कि यह निर्णय रूस की "अफगानिस्तान के साथ पूर्ण संबंधों को विकसित करने की ईमानदार कोशिश" को दिखाता है।

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