Donald Trump: ट्रंप का बड़ा बयान, ईरान समझौते के लिए तैयार, साथ आने वाले देशों का भविष्य उज्ज्वल

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता चाहता है और अमेरिका व उसके सहयोगियों के लिए यह अच्छा होगा। इस बीच सेंटकॉम और आईआरजीसी के हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है।

Update:2026-06-01 12:47 IST

Donald Trump

Donald Trump: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को फिर कहा कि ईरान समझौता करना चाहता है। उन्होंने सोशल प्लेटफॉर्म पर इसे लेकर अपना बयान जारी किया। इसमें लिखा है, 'ईरान समझौता चाहता है,' और यह 'अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए अच्छा होगा।' ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पोस्ट में विपक्षी डेमोक्रेट्स और कुछ रिपब्लिकन नेताओं पर भी निशाना साधा और बयानबाजी को वार्ता का रोड़ा बताया।

उन्होंने लिखा, "डेमोक्रेट्स और कुछ ऐसे रिपब्लिकन (जो देशभक्ति से रहित प्रतीत होते हैं) यह नहीं समझते कि जब राजनीतिक लोग लगातार नकारात्मक टिप्पणियां करते रहते हैं जैसे मुझे तेजी से आगे बढ़ना चाहिए, धीमे चलना चाहिए, युद्ध करना चाहिए, नहीं करना चाहिए, या कुछ और तो मेरे लिए अपना काम ठीक तरह से करना और बातचीत करना कहीं अधिक कठिन हो जाता है?"

बस आराम से बैठिए, सब अच्छा होगा

ट्रंप ने लोगों से संयंम बरतने की अपील करते हुए उम्मीद जताई की सब सकारात्मक तरीके से संपन्न होगा। उन्होंने कहा, "बस आराम से बैठिए, आखिर में सब अच्छा होगा। हमेशा ऐसा ही होता है।" हालांकि ट्रंप की इस पोस्ट में सेंट्रल कमांड के आत्मरक्षा में किए गए नवीनतम हमले और आईआरजीसी के जवाबी हमले का जिक्र नहीं है।

सेंटकॉम का ईरान पर आत्मरक्षा में हमला

अमेरिकी सेंट्रल कमांड, यानी सेंटकाम ने सोमवार को ही बताया कि उसने ईरान के गोरुक शहर और केश्म द्वीप पर आत्मरक्षा में हमले किए हैं। एक्स पर जारी बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई ईरान की आक्रामक गतिविधियों के जवाब में की गई। अमेरिका ने आरोप लगाया कि ईरान ने इससे पहले अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक एमक्यू1 ड्रोन को गिराया था। सेंटकाम के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो वन-वे अटैक ड्रोन नष्ट किए। दावा है कि ये ड्रोन क्षेत्रीय समुद्री रास्तों से गुजर रहे जहाजों के लिए खतरा पैदा कर रहे थे।

आईआरजीसी का जवाबी हमला

इसके बाद इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स, यानी आईआरजीसी ने दावा किया कि उसने अमेरिकी की तरफ से हमले के लिए इस्तेमाल हुए एयरबेस को निशाना बनाया है। यह वही बेस है जहां से अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के सीरिक द्वीप के टेलीकॉम टावर पर हमला किया था। हालांकि, आईआरजीसी ने यह नहीं बताया कि यह एयरबेस किस जगह स्थित था।

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