पाकिस्तानी सेना को धूल चटाने वाला 'मौलाना' अचनाक जिंदा, बौखलाए आसिम मुनीर,TTP के हमले की तैयारी पूरी
Taliban TTP Noor Wali Mehsud: पाकिस्तान की हालत खराब हो गई क्योंकि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का नेता नूर वली महसूद अभी भी जिंदा है।
Taliban TTP Noor Wali Mehsud: पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा पर तनाव उच्च स्तर पर पहुंच चुका है। फिलहाल अस्थिर युद्धविराम लागू है, लेकिन इस्लामाबाद की चिंता कम नहीं हुई है। पाकिस्तान डरा हुआ है और इसका मुख्य कारण है तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) का नेता नूर वली महसूद। नूर महसूद ने ही हालिया घटनाक्रम में पाक सेना को खुली चुनौती दी और संगठन को और भी ज्यादा मजबूत किया है।
पाक हमले में जिंदा बचे नूर वली महसूद
पाकिस्तानी सेना ने काबुल में महसूद को निशाना बनाने के लिए हवाई हमला किया। इस हमले में एक बख्तरबंद टोयोटा लैंड क्रूजर को लक्ष्य बनाया गया था, जिसमें महसूद के होने की जानकारी मिली थी। लेकिन हमला विफल रहा और महसूद बच निकले। TTP ने ऑडियो संदेश के माध्यम से यह जानकारी दी कि उनका नेता सुरक्षित है। इस घटना ने पाकिस्तान के गुस्से और तनाव को बढ़ा दिया है।
महसूद और TTP की नई ताकत
नूर वली महसूद ने 2018 में टीटीपी की कमान संभाली थी। उस समय गुट बिखरा हुआ था और इसके कई वरिष्ठ नेता अमेरिकी ड्रोन हमलों में मारे गए थे। महसूद ने संगठन को फिर से एकजुट किया और उसकी रणनीति बदल दी। उन्होंने नागरिकों पर हमलों में कमी की, लेकिन पाकिस्तानी सेना और सुरक्षाबलों पर हमले तेज कर दिए। इसके चलते टीटीपी सीमावर्ती इलाकों में तेजी से प्रभावशाली बन गया है।
पुस्तकों से मिली पहचान
महसूद केवल एक सैन्य नेता नहीं, बल्कि एक पढ़े-लिखे व्यक्ति भी हैं। उन्होंने कई किताबें लिखी हैं, जिनमें ‘इंकलाब-ए-महसूद’ प्रमुख है। यह 700 पन्नों की पुस्तक उनके आंदोलन और उपनिवेश-विरोधी प्रतिरोध के दृष्टिकोण को दर्शाती है। इसने उन्हें अपने अनुयायियों में एक विचारक और रणनीतिकार के रूप में भी स्थापित किया है।
अफगान तालिबान और पाकिस्तान के बीच तनाव
अफगान तालिबान ने महसूद और टीटीपी को पाकिस्तान की जमीन पर हमले करने के लिए पनाह देने का आरोप झेले जाने से इनकार किया है। हालांकि, इस पनाह का मुद्दा पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर हिंसा की मुख्य वजह बना हुआ है। दोनों पक्षों ने 48 घंटे के युद्धविराम पर सहमति जताई है, लेकिन पाकिस्तान के लिए डर और तनाव बरकरार है।
भविष्य के संकट की चेतावनी
साल 2021 में तालिबान के काबुल की सत्ता पर कब्जे के बाद से टीटीपी ने रफ्तार पकड़ी है। पाकिस्तान का दावा है कि इसके हमले लगभग रोजाना उसकी जमीन पर हो रहे हैं। यदि महसूद को भविष्य में निशाना बनाने के प्रयास असफल होते रहे, तो उनका संगठन पाकिस्तान के लिए और अधिक चुनौती बन सकता है। इस तरह नूर वली महसूद न केवल टीटीपी को मजबूती दे रहे हैं, बल्कि सीमा पर इस्लामाबाद की चिंताओं को भी गहरा कर रहे हैं।