ईरान में होने वाला है परमाणु हमला? UN डिप्लोमेट का सबसे बड़ा खुलासा, पूरी दुनिया के खड़े हुए रोंगटे
UN diplomat resignation 2026: ईरान जंग के बीच UN डिप्लोमेट के इस्तीफे ने दुनिया को चौंका दिया। तेहरान पर संभावित परमाणु हमले की चेतावनी से बढ़ी चिंता, जानिए पूरा मामला।
UN diplomat resignation 2026: संयुक्त राष्ट्र (UN) के गलियारों से एक ऐसी खबर आई है जिसने पूरी दुनिया के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। मध्य पूर्व में जारी भीषण तनाव के बीच, संयुक्त राष्ट्र में पैट्रियटिक विजन एसोसिएशन (PVA) के मुख्य प्रतिनिधि मोहम्मद सफा ने एक ऐसा दावा किया है जो तीसरे विश्व युद्ध की दस्तक जैसा लग रहा है। सफा ने सनसनीखेज आरोप लगाया है कि संयुक्त राष्ट्र खुद तेहरान (ईरान) पर होने वाले संभावित परमाणु हमले की तैयारियों में जुटा है। इस भयानक 'मानवता के खिलाफ अपराध' का हिस्सा न बनने के लिए सफा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
राजनयिक का खुलासा: 'न्यूक्लियर विंटर' की तैयारी
मोहम्मद सफा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए पूरी दुनिया को हिला कर रख दिया। उन्होंने लिखा कि वे इस विनाशकारी खेल के गवाह या हिस्सेदार बनकर नहीं रहना चाहते। सफा का दावा है कि संयुक्त राष्ट्र के कुछ बेहद शक्तिशाली और वरिष्ठ अधिकारी किसी 'खास लॉबी' के इशारे पर काम कर रहे हैं, जो शांति के बजाय युद्ध को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अभी नहीं बोला गया, तो दुनिया 'न्यूक्लियर विंटर' (परमाणु सर्दी) की आगोश में समा जाएगी, जिससे उबरना नामुमकिन होगा।
तेहरान की तस्वीर और भावुक अपील
अपने पोस्ट में सफा ने तेहरान शहर की एक खूबसूरत तस्वीर साझा की और युद्ध के पैरोकारों को आईना दिखाया। उन्होंने लिखा, "यह कोई खाली रेगिस्तान नहीं है जिसे आप बमों से उड़ाने का सपना देख रहे हैं। यह एक करोड़ लोगों का शहर है। यहाँ परिवार हैं, मासूम बच्चे हैं, पालतू जानवर हैं और अपने सपनों को जीने वाले मेहनतकश लोग हैं।" उन्होंने दुनिया से सवाल किया कि क्या कोई वाशिंगटन, लंदन या पेरिस पर परमाणु हमले की कल्पना कर सकता है? सफा ने कहा कि युद्ध की चाह रखना एक 'बीमारी' है और वे इस बीमारी का इलाज केवल जनता की जागृति में देखते हैं।
करियर दांव पर लगाकर खोला 'खतरनाक' राज
सफा ने बताया कि उन्होंने इस जानकारी को सार्वजनिक करने के लिए अपना सालों का शानदार राजनयिक करियर दांव पर लगा दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त राष्ट्र ने उन्हें और उनके परिवार को असुरक्षित छोड़ दिया है। उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा उन्हें सेंसर किया गया है। सफा ने अमेरिका में हुए 'नो किंग्स' विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए दुनिया भर के लोगों से अपील की है कि वे सड़कों पर उतरें और इस परमाणु खतरे के खिलाफ आवाज उठाएं। उन्होंने कहा, "केवल जनता ही इस तबाही को रोक सकती है।"
2023 से घुट रहे थे मोहम्मद सफा
हैरान करने वाली बात यह है कि सफा 2023 से ही इस्तीफा देना चाहते थे, लेकिन उन्होंने तीन साल तक धैर्य बनाए रखा। उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त राष्ट्र के अधिकारी इजरायल और अमेरिका द्वारा अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन पर जानबूझकर चुप्पी साधे रहे। अक्टूबर 2023 के घटनाक्रम के बाद जब उन्होंने अपना अलग दृष्टिकोण रखा, तो उन्हें प्रताड़ित किया गया। सफा का यह इस्तीफा और उनके द्वारा किए गए खुलासे बताते हैं कि पर्दे के पीछे कुछ ऐसा पक रहा है जो शायद मानव सभ्यता के अंत का कारण बन सकता है।