बहुत बिगड़ गई हालत! UN ने तुरंत बुलाई इमरजेंसी बैठक, PAK ने फिर बोल दी बड़ी बात; वीटो पर भी सवाल
UN Emergency Meeting: ईरान-अमेरिका तनाव अब केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुका है।
UNSC Meeting: ईरान पर अमेरिका के हालिया हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपातकालीन बैठक आयोजित की गई, जिसमें कई देशों ने हमले की तीखी आलोचना की और तनाव कम करने के लिए तत्काल संघर्ष विराम वार्ता शुरू करने का आग्रह किया। इस बैठक में पाकिस्तान, रूस और चीन ने बिना शर्त संघर्ष विराम का समर्थन किया और इस दिशा में प्रस्ताव भी पेश किया।
संयुक्त राष्ट्र में मौजूद राजनयिकों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि इन तीन देशों ने एक संयुक्त मसौदा पेश किया है, जिसमें ईरान और अमेरिका से तुरंत सैन्य कार्रवाइयां रोकने की अपील की गई है। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं है कि इस प्रस्ताव पर सुरक्षा परिषद में कब मतदान कराया जाएगा।
अमेरिकी वीटो बना बड़ा सवाल
सुरक्षा परिषद के नियमों के अनुसार, किसी प्रस्ताव के पारित होने के लिए कम से कम नौ सदस्य देशों का समर्थन जरूरी होता है। साथ ही, पांच स्थायी सदस्य अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन में से कोई भी देश वीटो का प्रयोग नहीं करता है तो ही प्रस्ताव पारित हो सकता है। विशेषज्ञों और राजनयिकों का मानना है कि अमेरिका इस मसौदे का विरोध कर सकता है, जिससे इसके पारित होने की संभावना कम हो जाती है। ऐसे में इस प्रस्ताव का भविष्य फिलहाल अनिश्चित नजर आ रहा है।
तीन परमाणु ठिकानों पर हमला बना चर्चा का केंद्र
गौरतलब है कि रविवार को अमेरिका ने ईरान के तीन प्रमुख परमाणु स्थलों को निशाना बनाते हुए सैन्य कार्रवाई की थी, जिसके बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव और कूटनीतिक खींचतान बढ़ गई है। इस हमले के कारण न केवल पश्चिम एशिया में सुरक्षा स्थिति अस्थिर हुई है, बल्कि वैश्विक मंचों पर भी इसकी आलोचना की जा रही है।
सुरक्षा परिषद की निगाहें अमेरिका के रुख पर
अब सारी निगाहें अमेरिका के रुख पर टिकी हैं कि वह प्रस्ताव पर क्या रुख अपनाता है। यदि अमेरिका ने प्रस्ताव पर वीटो लगा दिया, तो संघर्ष विराम की कूटनीतिक कोशिशें गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं। फिलहाल, वैश्विक समुदाय में तनाव को कम करने और हालात सामान्य करने की अपील की जा रही है।
संयुक्त राष्ट्र की यह बैठक स्पष्ट संकेत देती है कि ईरान-अमेरिका तनाव अब केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय चिंता का विषय बन चुका है।