जापान के PM ने क्यों दिया इस्तीफा, अब कौन होगा नया प्रधानमंत्री,जानिए क्या है पर्दे के पीछे की कहानी
जापान के पीएम शिगेरु इशिबा ने 10 महीने के कार्यकाल के बाद इस्तीफा दिया, अब नया प्रधानमंत्री कौन होगा और क्या है इसके पीछे की सच्चाई।
Why Japan PM Resign: जापान की राजनीति में आज एक बड़ा भूचाल आ गया है। प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने अपने पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है, वह भी महज 10 महीने के कार्यकाल के बाद। नवंबर 2024 में पद संभालने वाले इशिबा ने अपनी पार्टी लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) से आपातकालीन नेतृत्व चुनाव कराने का आग्रह किया है। यह कदम न सिर्फ जापान, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भी एक बड़ी खबर है। लेकिन सवाल यह है कि इशिबा को इतनी जल्दी इस्तीफा क्यों देना पड़ा? इसके पीछे की वजहें क्या हैं?
बढ़ती महंगाई और चुनावी हार का दबाव
इशिबा का कार्यकाल मुश्किलों से भरा रहा। रॉयटर्स के मुताबिक, उनके छोटे से कार्यकाल में जापान को बढ़ती महंगाई और जनता के बढ़ते असंतोष का सामना करना पड़ा। हाल ही में जुलाई में हुए उच्च सदन के चुनाव में उनकी पार्टी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था। इस हार के बाद उनके इस्तीफे की मांग जोर पकड़ रही थी, जिससे पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह भी सामने आ गई थी। उस समय इशिबा ने अपने पद पर बने रहने का फैसला किया था, ताकि वे अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर ध्यान केंद्रित कर सकें, लेकिन पार्टी के भीतर का दबाव आखिरकार उन पर भारी पड़ गया।
व्यापार समझौते के बाद सत्ता छोड़ने का फैसला
इशिबा ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए कहा कि जापान और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता और राष्ट्रपति के आदेश पर हस्ताक्षर के साथ उन्होंने एक बड़ी मुश्किल पार कर ली है। उन्होंने कहा, "अब मैं अगली पीढ़ी को जिम्मेदारी देना चाहता हूं।" इस समझौते के तहत जापान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से कम टैरिफ के बदले में 550 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया था। यह समझौता जापान के महत्वपूर्ण ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए महत्वपूर्ण था। इशिबा ने इस समझौते को पूरा करने के बाद सत्ता छोड़ने का फैसला किया।
कौन होगा अगला प्रधानमंत्री?
इशिबा के इस्तीफे के बाद अब उनकी जगह कौन लेगा, इस पर अटकलें तेज हो गई हैं। कोइज़ुमी और ताकाइची को इस दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। साने ताकाइची, जो पिछले साल LDP नेतृत्व के चुनाव में इशिबा से बहुत कम मतों से हारी थीं, ढीली आर्थिक नीतियों की समर्थक मानी जाती हैं। वहीं, शिंजिरो कोइज़ुमी एक राजनीतिक परिवार से आते हैं और इशिबा के कृषि मंत्री रह चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों में से किसी एक का चुनाव जापान की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण होगा। हालांकि, LDP के पास संसद में बहुमत नहीं है, इसलिए यह गारंटी नहीं है कि अगला LDP अध्यक्ष प्रधानमंत्री बनेगा। जापान में राजनीतिक अनिश्चितता की वजह से मुद्रा येन की कीमत भी गिर गई है।
जनता की राय और भविष्य की संभावनाएं
क्योदो समाचार एजेंसी के सर्वे के मुताबिक, 55% जापानी नागरिक अभी जल्दी चुनाव नहीं चाहते। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि नया नेता जनादेश पाने के लिए अचानक चुनाव करवा सकता है। जापान में विपक्ष कमजोर है, लेकिन अति-दक्षिणपंथी संसेतो पार्टी ने हाल के चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया है। इशिबा का इस्तीफा जापान की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत है, और अब यह देखना होगा कि अगला नेता जापान की अर्थव्यवस्था और राजनीतिक स्थिरता को कैसे संभालता है।