Xi-Modi Meeting से पहले चीन का बड़ा कदम, 6 साल बाद दिल्ली-ग्वांगझू सीधी उड़ानें फिर शुरू
Xi-Modi Meeting से पहले China Southern Airlines 21 सितंबर से Guangzhou-New Delhi के बीच रोजाना सीधी उड़ान शुरू करेगी। जानें India-China Relations में इसका क्या महत्व है।
A China Southern Airlines Airbus A321 plane (PC: Reuters)
India China Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आज कुछ देर बाद अहम मुलाकात होगी, लेकिन उससे ठीक पहले भारत-चीन रिश्तों में एक सकारात्मक और बड़ा बदलाव देखने को मिला है। चीन की प्रमुख एयरलाइन China Southern Airlines छह साल बाद Guangzhou-New Delhi के बीच सीधी उड़ान सेवा फिर शुरू करने जा रही है।
चीन की सरकारी समर्थित मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 21 सितंबर 2026 से Guangzhou और New Delhi के बीच रोजाना सीधी उड़ानें संचालित होंगी। एयरलाइन की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, Guangzhou से दिल्ली के लिए CZ359 उड़ान रोजाना दोपहर 3:35 बजे रवाना होगी और शाम 7 बजे दिल्ली पहुंचेगी। वापसी की CZ360 उड़ान रात 8:20 बजे दिल्ली से उड़ान भरकर अगले दिन सुबह 4:15 बजे Guangzhou पहुंचेगी।
Xi-Modi Meeting से पहले क्यों अहम है यह कदम?
China Southern का यह फैसला ऐसे समय आया है जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12-13 सितंबर को नई दिल्ली में 18वें BRICS Summit में हिस्सा ले रहे हैं। चीन के विदेश मंत्रालय ने शी के भारत दौरे की पुष्टि की है।
शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की द्विपक्षीय बैठक भी होनी है। यह मुलाकात इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि 2020 के गलवान संघर्ष के बाद दोनों देशों के रिश्तों में लंबे समय तक तनाव रहा। अब दोनों देश धीरे-धीरे बातचीत, व्यापार और लोगों की आवाजाही को सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
6 साल बाद फिर जुड़ेंगे दिल्ली और Guangzhou
कोविड-19 महामारी के दौरान भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान सेवाएं बाधित हुई थीं। इसके बाद दोनों देशों के बीच हवाई संपर्क लंबे समय तक सामान्य नहीं हो पाया।
अब China Southern के साथ चीन की तीन बड़ी एयरलाइंस भारत के लिए सीधी सेवाएं बहाल कर चुकी हैं। Air China ने Beijing-New Delhi सेवा फिर शुरू की है, जबकि China Eastern Airlines ने Shanghai-New Delhi और Kunming-Kolkata रूट को बहाल किया है। Kunming-Kolkata सेवा 18 अप्रैल 2026 से दोबारा शुरू हुई।
भारत की एयरलाइंस भी चीन के साथ कनेक्टिविटी बढ़ा रही हैं। इससे दोनों देशों के बीच पर्यटन, कारोबार, छात्रों की आवाजाही और व्यापारिक यात्राओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
सिर्फ फ्लाइट नहीं, रिश्तों में बदलाव का संकेत
भारत और चीन के रिश्तों में सुधार की प्रक्रिया 2024 के बाद धीरे-धीरे आगे बढ़ी है। सीमा पर सैन्य तनाव कम करने के बाद दोनों देशों ने सीधी उड़ानों, वीजा और लोगों के बीच संपर्क को फिर से बढ़ाने के कदम उठाए हैं। Reuters के मुताबिक, दोनों देशों के बीच व्यापारिक और कारोबारी संपर्क भी धीरे-धीरे वापस बढ़ रहे हैं, हालांकि सीमा विवाद और निवेश से जुड़े मुद्दे अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं।
यही वजह है कि Guangzhou-New Delhi सीधी उड़ान की वापसी को सिर्फ एविएशन सेक्टर का फैसला नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारत-चीन रिश्तों में जारी सावधानी भरी गर्माहट के एक और संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
कारोबार और छात्रों को होगा फायदा
Guangzhou दक्षिणी चीन का प्रमुख कारोबारी और औद्योगिक केंद्र है। दिल्ली से सीधी उड़ान शुरू होने से भारतीय कारोबारियों, छात्रों, पर्यटकों और पेशेवरों के लिए यात्रा आसान होगी।
दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में भी चीन की अहम भूमिका बनी हुई है। Reuters के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में चीन भारत का सबसे बड़ा आयात स्रोत रहा और भारत ने चीन से करीब 132 अरब डॉलर का सामान आयात किया।
ऐसे में सीधी एयर कनेक्टिविटी व्यापारिक यात्राओं और सप्लाई चेन से जुड़े संपर्कों को आसान बनाने में मदद कर सकती है।
Xi-Modi मुलाकात पर दुनिया की नजर
शी जिनपिंग का भारत दौरा करीब सात साल बाद हो रहा है। मोदी और शी की मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब दोनों देश रिश्तों को स्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सीमा, निवेश, वीजा और व्यापार असंतुलन जैसे कई मुद्दे अब भी चुनौती बने हुए हैं।
ऐसे में BRICS Summit के बीच होने वाली मोदी-शी बैठक और उसके आसपास सामने आए Delhi-Guangzhou Flight Restart जैसे कदमों को भारत-चीन संबंधों के अगले चरण के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।