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खतरे का अलर्ट! बिहार में पांच बड़े नेताओं को मिली Z+ और Y+ सुरक्षा, तेजस्वी और सम्राट चौधरी समेत ये नाम हैं शामिल
Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले नीतीश सरकार ने बड़े कदम उठाते हुए डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित पांच दिग्गज नेताओं की सुरक्षा बढ़ा दी है।
Bihar Politics: बिहार में विधानसभा चुनाव के दिन नजदीक आ रहे हैं। इस बीच एक बड़ा कदम उठाया गया है। दरअसल, चुनावी माहौल को देखते हुए नीतीश सरकार ने राज्य के पांच दिग्गज नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ी कर दी है। किसी को Z+ श्रेणी की सुरक्षा मिली तो कुछ को Y+। जिन नेताओं की सुरक्षा बढ़ाई गई है, उसमें डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव सहित अन्य कई बड़े नाम शामिल हैं। आइए एक-एक करके सबके बारे में जानते हैं।
इन नेताओं की बढ़ी सुरक्षा
बिहार सरकार की नई व्यवस्था के तहत जिन नेताओं को अतिरिक्त सुरक्षा दी गई है, वो डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव, पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, अररिया सांसद प्रदीप कुमार, बाढ़ के विधायक ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू और जदयू विधान पार्षद नीरज कुमार सिंह का नाम शामिल है।
किसे किस श्रेणी की मिली सुरक्षा?
गृह विभाग की अधिसूचना के मुताबिक, सम्राट चौधरी को Z+ श्रेणी की सुरक्षा मिलेगी। तेजस्वी प्रसाद यादव को Z श्रेणी सुरक्षा दी जाएगी। पप्पू यादव, प्रदीप सिंह और ज्ञानेंद्र सिंह ज्ञानू को Y+ श्रेणी सुरक्षा मिलेगी। वहीं नीरज कुमार सिंह को Y श्रेणी सुरक्षा दी जाएगी। इसके लिए गृह विभाग ने डीजीपी को पत्र भेजकर तुरंत सुरक्षा बल उपलब्ध कराने का निर्देश भी दिया है।
सुरक्षा बढ़ाने की वजह
कुछ दिन पहले तेजस्वी यादव की सुरक्षा को लेकर कई घटनाएं सुर्खियों में रहीं। पटना के मरीन ड्राइव के पास उनके काफिले में अचानक एक कार घुस गई थी। इससे पहले भी उनके काफिले की एक गाड़ी को टक्कर मारी गई थी। वहीं डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को भी हाल में जान से मारने की धमकी मिली थी। और पूर्णिया सांसद पप्पू यादव लंबे समय से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग कर रहे थे।
इसी के साथ बिहार विधानसभा चुनाव से पहले नेताओं की सुरक्षा बढ़ाना इस बात का संकेत भी है कि सरकार चुनावी मौसम में किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचना चाहती है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने से न सिर्फ नेताओं की सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि चुनावी माहौल में जनता का भरोसा भी कायम रहेगा।


