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बिहार में CM के चेहरे पर अब तक क्यों है सस्पेंस? कांग्रेस क्यों नहीं कर रही ऐलान
Bihar Congress CM face: बिहार चुनाव 2025 से पहले कांग्रेस अब तक मुख्यमंत्री चेहरे पर चुप क्यों है? तेजस्वी यादव ने रैली में राहुल गांधी को अगला प्रधानमंत्री बताकर सियासत गरमा दी है।
Bihar Congress CM face: बिहार विधानसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच, एक बड़ा सियासी ऐलान हुआ है जिसने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने खुलकर राहुल गांधी को देश का अगला प्रधानमंत्री बनाने की बात कही है। यह बयान उस समय आया है, जब बिहार में कांग्रेस की 'वोटर अधिकार यात्रा' जोर-शोर से चल रही है। अब सवाल यह उठता है कि क्या यह सिर्फ चुनावी बयानबाजी है, या इसके पीछे कोई गहरी रणनीति छिपी है?
तेजस्वी ने राहुल को बताया 'मोदी की नींद उड़ाने वाला नेता'
नवादा में एक रैली को संबोधित करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, "बिहार में राजग सरकार को उखाड़ फेंकना है। आगे जब भी लोकसभा चुनाव होगा, हम लोग राहुल गांधी जी को प्रधानमंत्री बनाएंगे।" उन्होंने राहुल गांधी को एक ऐसा नेता बताया जिसने 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रातों की नींद हराम' कर दी है। तेजस्वी ने यह भी कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में हमें राज्य की 20 साल पुरानी 'खटारा सरकार' को हटाना है। तेजस्वी का यह बयान महागठबंधन के भीतर राहुल गांधी की बढ़ती स्वीकार्यता का संकेत देता है, लेकिन कांग्रेस की तरफ से अभी तक बिहार में मुख्यमंत्री पद के लिए तेजस्वी यादव का कोई आधिकारिक समर्थन नहीं आया है।
क्या सीट बंटवारा है कांग्रेस की हिचकिचाहट की वजह?
बिहार में महागठबंधन के घटक दल - कांग्रेस, राजद, वीआईपी और सीपीआई (माले) - मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन अभी तक उनके बीच सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय नहीं हो पाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस की हिचकिचाहट की एक बड़ी वजह यही हो सकती है। पार्टी ने अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, जिससे गठबंधन में तनाव की अटकलें लगाई जा रही हैं।
तेजस्वी यादव खुद को बिहार में महागठबंधन का कप्तान बता रहे हैं। कई बैठकों के बावजूद कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ है। अगर 2020 के चुनाव परिणामों पर नजर डालें तो कांग्रेस ने 70 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन सिर्फ 19 पर ही जीत हासिल कर पाई थी, जबकि राजद को 75 सीटें मिली थीं। ऐसे में, इस बार सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।
फिलहाल, तेजस्वी यादव का यह बयान बिहार की चुनावी राजनीति में एक नया अध्याय जोड़ता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस इस पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या बिहार का महागठबंधन देश की राजनीति में एक नया समीकरण बनाने में कामयाब होता है।


