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सहारनपुर: फिर फैल सकती थी जातीय हिंसा, मगर पुलिस ने कर दिया ये काम

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sudhanshuBy sudhanshu

Published on 12 July 2018 3:27 PM GMT

सहारनपुर: फिर फैल सकती थी जातीय हिंसा, मगर पुलिस ने कर दिया ये काम
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सहारनपुर: जिले के थाना रामपुर क्षेत्र के गांव भाकला में शराबी युवकों की कायराना हरकत के कारण एक बार फिर महानगर जातीय हिंसा में सुलगने से उस समय बच गया, जब रास्ते के विवाद को लेकर गुज्जर बिरादरी के आरोपी युवकों ने दलित वृद्ध की गोली मारकर हत्या कर दी। और कई को घायल कर दिया तो पुलिस ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर महानगर को सुलगने से बचा लिया।

ये था मामला

गुरुवार शाम पुलिस लाइन में एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया कि बुधवार की देर रात गांव भाकला में सुक्कड 60 वर्ष अपने घर के सामने चारपाई पर मच्छरदानी लगा रहा था। उधर से बाइक पर निकलते गुज्जर बिरादरी के युवकों ने रास्ते के विवाद को लेकर हुई कहासुनी के बाद सुक्कड़ पर गोली चला दी। सुक्कड की गोली लगने से मौत हो गई, जबकि छर्रे लगने से तीन चार अन्य लोग भी घायल हो गए। मृतक के भतीजे रविंद्र कुमार ने आरोपियों के खिलाफ हत्या, जानलेवा हमला, गाली-गलोच, धमकी व एससी-एसटी एक्ट की धारा में मामला दर्ज कराया।

एसपी सिटी ने बताया कि सीओ नकुड राजेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में घटना में शामिल रहे आरोपियों को इंस्पेक्टर एसके राणा ने टीम के साथ मिल त्वरित कार्यवाही करते हुए कुछ ही घंटे में गिरफ्तार कर लिया, जब वह यहां से भागने की फिराक में थे। इनके पास से अवैध हथियार भी बरामद हुए। एसपी सिटी ने बताया कि पकड़े गए आरोपी शराब के नशे में थे और शराब पीकर गांव में उत्पात मचाते पहले भी घूमते रहते थे। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

इनकी हुई गिरफ्तारी

आसू उर्फ आदित्य पुत्र भोजराज निवासी, गोविंद पुत्र सुरेश उर्फ सरेस, ललित पुत्र बाबूराम, अंकित पुत्र गांधी निवासीगण गांव भांकला, थाना रामपुर मनिहारान को अरेस्‍ट करके जेल भेज दिया गया।

एसपी सिटी का कहना है कि पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए एक बड़ी घटना को होने से बचा लिया। यदि आरोपी गिरफ्तार न होते तो महानगर का माहौल खराब हो सकता था। बता दें कि बड़गांव थाने के शब्बीरपुर गांव में ऐसी ही एक घटना के चलते पूरा जनपद जातीय हिंसा की चपेट में आ गया था।

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