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ट्रिपल तलाक: फतवा देने वाले मौलवी के खिलाफ FIR, लटकी गिरफ्तारी की तलवार

Manali Rastogi

Manali RastogiBy Manali Rastogi

Published on 27 July 2018 9:41 AM GMT

ट्रिपल तलाक: फतवा देने वाले मौलवी के खिलाफ FIR, लटकी गिरफ्तारी की तलवार
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लखनऊ: ट्रिपल तलाक के खिलाफ आवाज उठाने वाली निदा खान के खिलाफ फतवा जारी करने वाले मुफ़्ती ख़ुर्शीद आलम के ख़िलाफ़ मुक़दमा दर्ज कराया गया है। बरेली शहर के इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम ने अपने फतवे में निदा खान का सोशल बायकॉट करने को कहा था।

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फतवे में निदा की बीमारी की हालत में दवा नहीं देने, मौत होने पर जनाज़े में शामिल नहीं होने, क़ब्रिस्तान में दफ़नाने के लिए जगह नहीं देने और नमाज़े जनाज़ा में शामिल होने से मुस्लमानो को रोका गया था। यह पहला मौक़ा है, जब किसी मौलवी के ख़िलाफ़ फतवा देने पर मुक़दमा दर्ज किया गया है।

तीन तलाक के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाली निदा खान के खिलाफ फतवा देने वाले मुफ्ती ख़ुर्शीद आलम बुरी तरह फँस गए हैं। निदा के साथ साथ निदा की मदद करने वालों के खिलाफ फतवा देने वाले खुर्शीद आलम के ख़िलाफ़ बरेली कोतवाली में मुक़दमा दर्ज कराया गया है।

अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन तनवीर हैदर उस्मानी ने इस मामले में एसएसपी बरेली मुनिराज जी से बात कर कार्रवाई करने को कहा था।

मुफ़्ती ख़ुर्शीद आलम के खिलाफ मुक़दमा दर्ज होने के बाद उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। बताया जा रहा है, कि अगर मुफ्ती ख़ुर्शीद आलम की गिरफ़्तारी होती है। तो यह अपने आप में पहला मामला होगा। जिस में फतवा देने पर किसी मौलवी को गिरफ़्तार किया जाए।

आईजी रेंज बरेली डी के ठाकुर ने बताया कि इस मामले में मुक़दमा दर्ज किया गया है। निष्पक्ष जाँच होगी और जाँच में दोषी पाए जाने पर गिरफ्तारी होगी।

फतवा देने वाले मुफ्ती खुर्शीद आलम अभी भी अपने फतवे को सही ठहरा रहे हैं। दूसरी तरफ फतवे का विरोध भी शुरू हो गया है। ऐशबाग ईदगाह के इमाम मौलाना ख़ालिद रशीद फिरंगीमहली ने कहा है, कि फतवा देने वालों को खुद सामने आ कर इस फतवे को वापस लेना चाहिए।

मुफ्ती खुर्शीद आलम ने फतवे में कहा है कि, "अगर निदा खान बीमार पड़ती हैं, तो उन्हें कोई दवा मुहैय्या नहीं कराएगा। और उनकी मौत होती है, तो कोई उनके जनाजे में शामिल नही होगा और न ही कोई नमाज़े जनाज़ा में शामिल होगा, यही नहीं फतवे में क़ब्रिस्तान में दफन करने के लिए ज़मीन देने से भी रोका गया"।

मुफ्ती ने अपने फतवे में यह भी कहा गया है कि, "अगर कोई निदा खान की मदद करता है, तो उसे भी यही सजा मिलेगी। फतवे में कहा गया है कि, "निदा खान से कोई मुस्लिम तब तक संपर्क नहीं रखेगा, जबतक वह सार्वजनिक तौर पर माफी नहीं मांगेगी।

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