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अद्भुत 'मुन्‍नाभाई': IET छात्र ने खुद ही किया पेपर सेट, परीक्षा देकर स्वयं ही जांच लिया

राजधानी स्थित इंस्‍टीटयूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्‍नॉलॉजी(आईईटी) में शुक्रवार (12 मई) को एक बड़ा मामला सामने आया है।यहां एक पीएचडी स्‍कॉलर ने खुद ही अपना पेपर सेट किया और परीक्षा देकर उसे खुद ही जांच दिया। इस बात का खुलासा होने पर आईईटी के डायरेक्‍टर ने मामले की जांच बैठाई तो उसमें स्‍टूडेंट दोषी पाया गया। डॉयरेक्‍टर ने इसी मामले में बोर्ड ऑफ स्‍टडीज के मेंबर्स से भी स्‍पष्‍टीकरण मांगा है। जिसको लेकर मेंबर्स ने अपना विरोध भी डायरेक्‍टर के सामने शुक्रवार को दर्ज कराया है।

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priyankajoshiBy priyankajoshi

Published on 12 May 2017 2:04 PM GMT

अद्भुत मुन्‍नाभाई: IET छात्र ने खुद ही किया पेपर सेट, परीक्षा देकर स्वयं ही जांच लिया
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लखनऊ: राजधानी स्थित इंस्‍टीटयूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्‍नॉलॉजी (IET) में शुक्रवार (12 मई) को एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां एक पीएचडी स्‍कॉलर ने खुद ही अपना पेपर सेट किया और परीक्षा देकर उसे खुद ही जांच दिया।

इस बात का खुलासा होने पर आईईटी के डायरेक्‍टर ने मामले की जांच बैठाई तो उसमें स्‍टूडेंट दोषी पाया गया। डॉयरेक्‍टर ने इसी मामले में बोर्ड ऑफ स्‍टडीज के मेंबर्स से भी स्‍पष्‍टीकरण मांगा है। जिसको लेकर मेंबर्स ने अपना विरोध भी डायरेक्‍टर के सामने शुक्रवार को दर्ज कराया है।

इंचार्ज इवैल्‍यूएशन ने पकड़ा मामला

आईईटी के डॉयरेक्‍टर एएस विद्यार्थी ने बताया कि 2016-17 की विषम सेमेस्‍टर परीक्षाओं के इंचार्ज इवैल्‍यूएशन प्रोफेसर गिरीश चंद्रा ने एक मामला पकड़ा। जिसमें एक रिसर्च स्‍कॉलर देवेश ओझा ने डयूरेबिल्‍टी ऑफ कांक्रीट स्‍ट्रक्‍चर्स का पेपर खुद सेट करके खुद ही परीक्षा दी। इतना ही नहीं उसने खुद ही कॉपी का मूल्‍यांकन करके नंबर भी चढ़ाए।

मामला पता लगने पर एक तीन सदस्‍यीय कमेटी का गठन करके मामले की जांच की गई। इस कमेटी में डीन पीजी एंड रिसर्च प्रोफेसर शैलेंद्र सिंहा, डीन एकेडमिक्‍स प्रोफेसर संजय श्रीवास्‍तव और चेयरपर्सन प्रोफेसर भारती दि्वेदी शामिल थे। इनकी जांच में मामला सही पाया गया और जांच कमेटी की सिफारिश पर देवेश ओझा के पीएचडी पंजीकरण को निरस्‍त कर दिया गया। इसके अलावा देवेश ओझा को आगे कभी आईईटी लखनऊ द्वारा किसी भी पीएचडी प्रोग्राम में पंजीकरण करने से लेकर पूरी तरीके से बैन कर दिया गया।

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प्रोफेसर्स को भी जारी किया स्‍पष्‍टीकरण

डायरेक्‍टर आईईटी प्रोफेसर एएस विद्यार्थी ने बताया कि स्‍टूडेंट देवेश ओझा पर पूरी तरीके से बैन लगा दिया है। इसके साथ साथ बोर्ड ऑफ स्‍टडीज के सदस्‍यों जिसमें देवेश ओझा के गाइड प्रोफेसर जेबी श्रीवास्‍तव, सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर डॉ. एके शुक्‍ला, डॉ वीरेंद्र पाठक, डॉ. एसपी शुक्‍ला, डॉ विनय कुमार सिंह, डॉ कैलाश नारायन और सिविल इंजीनियरिंग के विभागाध्‍यक्ष डॉ. एनबी सिंह से स्‍पष्‍टीकरण मांगा गया है।

डायरेक्‍टर ने तो यह भी कहा कि आईईटी के लिए आज काला दिवस है। आईईटी सूत्रों ने बताया कि डॉ एपीजे अब्‍दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) के शीर्ष पदाधिकारी की शह पर शुक्रवार को स्‍पष्‍टीकरण मांगे जाने के विरोध में डायरेक्‍टर प्रोफेसर एएस विद्यार्थी का घेराव किया गया।

सूत्रों के मुताबिक हाल ही में एकेटीयू वाइस चासंलर प्रो. विनय पाठक और डायरेक्टर आईईटी एएस विद्यार्थी के बीच मतभेद हुए थे। इसके चलते अब एकेटीयू वीसी विनय पाठक डॉयरेक्टर के खिलाफ प्रेशर पॉलिटिक्स का सहारा ले रहे है।

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इन्होंने पत्रकारीय जीवन की शुरुआत नई दिल्ली में एनडीटीवी से की। इसके अलावा हिंदुस्तान लखनऊ में भी इटर्नशिप किया। वर्तमान में वेब पोर्टल न्यूज़ ट्रैक में दो साल से उप संपादक के पद पर कार्यरत है।

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