शुगर, मोटापा, पाचन की समस्या...इस जड़ी को एक चम्मच खाने से होगा चमत्कार, छिपा है आयुर्वेद का खजाना

Marod Phali: स्क्रू जैसी होने के कारण इसे “मरोड़ फली” नाम दिया गया है। यह पौधा भारत, श्रीलंका, म्यांमार और दक्षिण एशिया के गर्म इलाकों में पाया जाता है और पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली में इसका विशेष स्थान है।

Shishumanjali kharwar
Published on: 19 Oct 2025 2:18 PM IST
Marod Phali Benefits
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Marod Phali Benefits

Marod Phali: मरोड़ फली (इंडियन स्क्रू ट्री), जिसे संस्कृत में मूर्वा और अंग्रेज़ी में Helicteres isora कहा जाता है, आयुर्वेद की सबसे प्रभावशाली जड़ी-बूटियों में से एक है। इसके फल की आकृति स्क्रू जैसी होने के कारण इसे “मरोड़ फली” नाम दिया गया है। यह पौधा भारत, श्रीलंका, म्यांमार और दक्षिण एशिया के गर्म इलाकों में पाया जाता है और पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली में इसका विशेष स्थान है।

आयुर्वेदिक गुणों की बात करें तो, मरोड़ फली में कषाय (कड़वा-खट्टा) स्वाद, लघु (हल्का) और रूक्ष (सूखा) गुण पाए जाते हैं। इसकी तासीर शीतल होती है, जो पित्त और कफ दोष को संतुलित करने में मदद करता है। यही कारण है कि इसे पेट, त्वचा, श्वसन और लिवर से जुड़ी बीमारियों में बेहद प्रभावी माना गया है।

पाचन तंत्र के लिए वरदान

मरोड़ फली का सबसे ज्यादा उपयोग पेट और आंतों की समस्याओं के इलाज में होता है। यह दस्त, गैस, एसिडिटी, और आंतों के संक्रमण को दूर करती है। बच्चों में पेट दर्द, कुपोषण और अपच जैसी दिक्कतों में इसका काढ़ा बेहद लाभदायक होता है।

मधुमेह पर नियंत्रण

मरोड़ फली का सेवन डायबिटीज़ मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह रक्त शर्करा को नियंत्रित करती है और शरीर में इंसुलिन संवेदनशीलता बढ़ाती है। नियमित सेवन से शुगर लेवल संतुलित रहता है और एनर्जी लेवल भी बेहतर होता है।

त्वचा और संक्रमण में असरदार

इस पौधे के एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण शरीर को सूजन और संक्रमण से बचाते हैं। खाज-खुजली, दाद और घावों में मरोड़ फली की पत्तियों का पेस्ट लगाने से तेजी से राहत मिलती है। वहीं, कान दर्द की समस्या में इसके फल को अरंडी तेल में गर्म करके कुछ बूंदें डालना भी फायदेमंद माना गया है।

घरेलू नुस्खे और आयुर्वेदिक उपयोग

मरोड़ फली का काढ़ा गैस्ट्रिक दिक्कतों के लिए असरदार होता है। इसे पानी में उबालकर शहद के साथ पीने से तुरंत राहत मिलती है। हल्दी के साथ इसकी जड़ का लेप सूजन और दर्द में कारगर है। आयुर्वेद में मरोड़ फली को कफ-पित्त शामक और रसायन औषधि बताया गया है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है और संपूर्ण स्वास्थ्य को संतुलित रखती है।

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Shishumanjali kharwar

मीडिया क्षेत्र में 12 साल से ज्यादा कार्य करने का अनुभव। इस दौरान विभिन्न अखबारों में उप संपादक और एक न्यूज पोर्टल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्य किया। वर्तमान में प्रतिष्ठित न्यूज पोर्टल ‘न्यूजट्रैक’ में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं।

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