‘मच्छर की लार’ से होगा इस बीमारी का इलाज, सिंगापुर के शोधकर्ताओं की नई खोज

Chikungunya Treatment: सिंगापुर के वैज्ञानिकों ने मच्छर की लार में ऐसा प्रोटीन खोजा है जो शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर चिकनगुनिया जैसी बीमारियों को बढ़ा सकता है।

Akriti Pandey
Published on: 23 Oct 2025 5:28 PM IST
Chikungunya Treatment
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Chikungunya Treatment: चिकनगुनिया जैसी मच्छर जनित वायरल बीमारियों के इलाज और रोकथाम में अब एक नई उम्मीद दिखाई दे रही है। सिंगापुर के वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण खोज की है, जिसके अनुसार मच्छर की लार में मौजूद एक खास प्रोटीन हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक प्रणाली (इम्यून सिस्टम) पर सीधा असर डालता है।नेचर कम्युनिकेशंस जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में बताया गया है कि एडीज मच्छर की लार में सियालोकिनिन नाम का एक बायोएक्टिव पेप्टाइड मौजूद होता है, जो मानव शरीर की कुछ विशिष्ट इम्यून कोशिकाओं से जुड़कर संक्रमण के खिलाफ शुरुआती लड़ाई को प्रभावित करता है।

कैसे काम करता है मच्छर की लार में मौजूद सियालोकिनिन

सिंगापुर की ए-स्टार संक्रामक रोग प्रयोगशाला (ASTAR IDL)* के वैज्ञानिकों ने बताया कि जब मच्छर इंसान को काटता है, तो उसकी लार के साथ सियालोकिनिन शरीर में प्रवेश करता है। यह पेप्टाइड न्यूरोकिनिन रिसेप्टर्स से जुड़कर मोनोसाइट नामक इम्यून कोशिकाओं को सक्रिय होने से रोक देता है। इस प्रक्रिया के कारण शरीर में इंफ्लेमेशन (सूजन) थोड़े समय के लिए धीमा पड़ जाता है। हालांकि यह राहत देने वाला लग सकता है, लेकिन वायरस संक्रमण के मामले में यही देरी नुकसानदायक साबित होती है। शरीर की शुरुआती इम्यून प्रतिक्रिया वायरस के प्रसार को रोकने में अहम होती है, और जब यह प्रतिक्रिया कमजोर पड़ जाती है, तो वायरस तेजी से फैलने लगता है।

अध्ययन में क्या मिला पता

रिसर्च में यह भी पाया गया कि जिन मरीजों में चिकनगुनिया के लक्षण ज्यादा गंभीर थे, उनके खून में सियालोकिनिन के खिलाफ अधिक मात्रा में एंटीबॉडी (प्रतिरोधक प्रोटीन) पाए गए। यह इस बात का प्रमाण है कि मच्छर की लार सिर्फ वायरस नहीं लाती, बल्कि हमारे शरीर की इम्यून प्रतिक्रिया को भी प्रभावित करती है। ASTAR IDL के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सियू-वाइ फोंग ने कहा कि भविष्य में अगर सियालोकिनिन या उसके रिसेप्टर्स को निशाना बनाकर दवा विकसित की जाती है, तो चिकनगुनिया और अन्य मच्छर जनित बीमारियों के इलाज में बड़ी सफलता मिल सकती है।

बीमारी और जलवायु परिवर्तन से जुड़ा खतरा

चिकनगुनिया एक वायरल बीमारी है जो एडीज मच्छर के काटने से फैलती है। इसके लक्षणों में तेज बुखार, जोड़ों में सूजन और लंबे समय तक चलने वाला दर्द शामिल है। कई मरीज महीनों तक जोड़ों के दर्द से जूझते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मच्छर की लार में मौजूद तत्वों को समझकर उनका असर कम किया जाए, तो संक्रमण की गंभीरता को घटाया जा सकता है।

IANS इनपुट के साथ

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Akriti Pandey is a journalist with more than three years of experience in the media industry. She holds a degree in Mass Communication and Journalism and specializes in writing on education, lifestyle, health, and astrology-related topics. Known for her reader-focused approach and engaging storytelling, Akriti is passionate about creating informative and accessible content. In her free time, she enjoys writing, sports, and traveling.

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