जड़, बीज, पत्ते... शरीर में छुप कर बैठे सब रोगों का कट्टर दुश्मन है इस पेड़ का हर एक हिस्सा, 21 दिन में बॉडी को मिलेगा नया जन्म!

Medicinal Plant: पुनर्नवा एक औषधीय आयुर्वेदिक पौधा है, जो हृदय, किडनी, पाचन और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत कर कई रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है।

Akriti Pandey
Published on: 24 Oct 2025 11:23 AM IST (Updated on: 24 Oct 2025 11:23 AM IST)
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Medicinal Plant: भारत सदियों से औषधीय पौधों का भंडार माना जाता है। जब आधुनिक विज्ञान का अस्तित्व भी नहीं था, तब आयुर्वेद के माध्यम से रोगों का उपचार किया जाता था। इन्हीं औषधीय पौधों में से एक है पुनर्नवा (Punarnava), जिसे आयुर्वेद में एक चमत्कारी पौधा कहा गया है। यह न केवल शरीर को रोगमुक्त करता है, बल्कि स्वास्थ्य को संपूर्ण रूप से संतुलित और सशक्त बनाता है।

पुनर्नवा का परिचय और वैज्ञानिक नाम

पुनर्नवा एक प्रसिद्ध औषधीय पौधा है, जिसका वैज्ञानिक नाम बोएरहविया डिफ्यूसा (Boerhavia diffusa) है। यह पौधा आकार में भले ही छोटा होता है, लेकिन इसके औषधीय गुण अत्यधिक शक्तिशाली हैं। भारत के साथ-साथ श्रीलंका और दक्षिण अमेरिका में भी यह पौधा पाया जाता है। विशेष रूप से यह ठंडे और नम इलाकों में उगता है, जहां का मौसम हल्का सर्द और नमी युक्त होता है। पुनर्नवा की पत्तियां छोटी, नुकीली और हल्के हरे रंग की होती हैं, जबकि इसके फूल गुलाबी या सफेद रंग के होते हैं। भारत के विभिन्न क्षेत्रों में इसे अलग-अलग नामों से जाना जाता है, जैसे शशिवाटिका, श्वेतमूला, सांठ, चिराटिका, गुजराती में राती साटोडी, और तमिल में मुकत्तै कहा जाता है।

औषधीय तत्व और पोषक गुण

पुनर्नवा पौधे में कई ऐसे औषधीय तत्व पाए जाते हैं जो शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी हैं। इसमें कैल्शियम, पोटैशियम, मैग्नीशियम जैसे खनिज तत्वों के साथ-साथ एंटी-इंफ्लेमेटरी, इम्यूनो-मॉड्यूलेटरी, एंटी-कार्सिनोजेनिक, एंटी-डायबिटिक और हेपेटो-प्रोटेक्टिव गुण मौजूद होते हैं। यही कारण है कि यह पौधा शरीर की प्रतिरोधक क्षमता (immunity) को मजबूत बनाता है और अनेक बीमारियों से बचाव करता है।

मूत्र संक्रमण और सूजन में लाभकारी

आयुर्वेद में पुनर्नवा का प्रमुख उपयोग मूत्र संक्रमण (Urinary Infection) और सूजन (Inflammation) के उपचार में किया जाता रहा है। इसके सूजनरोधी गुण शरीर के अंदर संक्रमण पैदा करने वाले हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करते हैं और मूत्र मार्ग को साफ रखने में मदद करते हैं। यह किडनी से जुड़ी समस्याओं को भी कम करने में सहायक है।

हृदय स्वास्थ्य के लिए पुनर्नवा के फायदे

पुनर्नवा को दिल से संबंधित बीमारियों के लिए रामबाण औषधि माना गया है। यह हृदय की मांसपेशियों को सशक्त बनाता है और रक्त संचार को संतुलित करता है। इसके नियमित सेवन से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) कम होता है, जिससे धमनियों में अवरोध (Blockage) की संभावना घटती है और हृदय सुचारू रूप से काम करता है। साथ ही यह हाई ब्लड प्रेशर (High BP) को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।

कैंसर विरोधी गुण

पुनर्नवा की पत्तियों में एंटीप्रोलिफेरेटिव और एंटीएस्ट्रोजेनिक तत्व पाए जाते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में सहायक हैं। ये तत्व शरीर में कैंसर फैलाने वाली कोशिकाओं की गतिविधि को नियंत्रित करते हैं और कैंसर के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।

पाचन, आंखों और किडनी के लिए लाभकारी

आयुर्वेदिक चिकित्सा में पुनर्नवा का उपयोग पाचन शक्ति बढ़ाने, आंखों की रोशनी सुधारने, और किडनी की बीमारियों में राहत देने के लिए किया जाता है। यह शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का कार्य करता है, जिससे डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया बेहतर होती है और पाचन तंत्र मजबूत बनता है।

सेवन का तरीका और सावधानी

पुनर्नवा को आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह पर विभिन्न रूपों में लिया जा सकता है, जैसे चूर्ण (Powder), काढ़ा (Decoction) या कैप्सूल के रूप में। अत्यधिक मात्रा में सेवन से कुछ लोगों को पेट में जलन या कमजोरी महसूस हो सकती है, इसलिए इसे निर्देशित मात्रा में ही लेना चाहिए।

Disclaimer: यह खबर आपको केवल जागरूक करने के मकसद से लिखी गई है। हमने इसको लिखने में सामान्य जानकारियों की मदद ली है। NEWSTRACK इस आर्टिकल में दी गई किसी भी जानकारी की सत्यता इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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