इंसानों तक फैल सकता है 'स्क्रूवर्म वायरस'! जानें क्या है यह बीमारी और क्यों है घातक?

अमेरिका से कई सालों बाद स्क्रूवर्म बीमारी का मामला सामने आया है।

Priya Singh Bisen
Published on: 27 Aug 2025 1:16 PM IST
Screwworm Virus Danger
X

Screwworm Virus Danger (photo: social media)

Screwworm Virus Danger: आय दिन नई-नई बीमारियां सामने आती रहती हैं। अब हाल ही में एक अमेरिका में स्क्रूवर्म नाम की बीमारी का मामला सामने आया है। अमरीका ने पहले ही इस बीमारी को खत्म कर दिया था लेकिन कई सालों बाद इसका पहला मामला एक बार फिर से सामने आ गया है। दरअसल, मैरीलैंड का एक व्यक्ति अल सल्वाडोर की यात्रा करके वापस आया था, उसमें ही यह वायरस पाया गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मैरीलैंड हेल्थ फैकेल्टी और संयुक्त राज्य अमेरिका के सेंटर फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन द्वारा इसकी गहनता से जाँच की गई और 4 अगस्त को इसकी पुष्टि की गई। आखिर क्या है ये स्क्रूवर्म की बीमारी? चलिए आपको इस लेख में बताते हैं।

क्या होती है स्क्रूवर्म बीमारी?


स्क्रूवर्म बीमारी एक तरह से 'न्यू वर्ल्ड स्क्रूवर्म' के लार्वा से होती है। स्क्रूवर्म मक्खी से फैलने वाली एक प्रकार की परजीवी बीमारी होती है। यह मुख्य रूप से गर्म खून वाले जानवरों (जैसे गाय, भेड़, बकरी, कुत्ते, और घोड़े) को संक्रमित करती है, लेकिन कुछ मामलों में यह इंसानों को भी बुरी तरह से प्रभावित कर सकती है। इस बीमारी की शुरुआत तब होती है जब स्क्रूवर्म मक्खी किसी जानवर के खुले घाव, चोट, खरोंच के निशान पर अंडे दे देती है। ये अंडे कुछ ही घंटों में लार्वा में परिवर्तित हो जाते हैं, जिन्हें 'स्क्रूवर्म' के नाम से जाना जाता है। ये लार्वा घाव के अंदर के जीवित टिशूज़ को खाने लगते हैं, जिससे घाव और भी गहरा हो जाता है।

इंसानों के लिए कितना घातक है?

यह बीमारी इंसानों के लिए भी घातक हो सकती है। यदि किसी इंसान को यह संक्रमण हो जाए, तो उसके लक्षण जानवरों जैसे ही हो सकते हैं। घाव वाली जगह पर दर्द, सूजन और लालिमा जैसी स्थिति बन सकती है और घाव से दुर्गंध भी आ सकती है। यदि वक़्त पर इलाज न किया जाए, तो यह संक्रमण बेहद घातक रूप भी ले सकता है।

यह जानवरों के लिए क्यों है घातक?

जानकारी के मुताबिक, स्क्रूवर्म मक्खियां काफी तेजी से प्रजनन करती प्रक्रिया करती हैं और अंडे देती हैं, जिससे यह बीमारी बहुत तेजी से फैल सकती है। स्क्रूवर्म लार्वा केवल मृत ऊतक नहीं खाते, बल्कि जीवित टिशूज़ को भी अपना खाना बना लेते हैं। इससे जानवरों के शरीर में गहरे गंभीर घाव हो जाते हैं और उनकी मौत भी हो सकती है। यह बीमारी पशुओं की आबादी को भयंकर रूप से नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे कृषि और अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

Disclaimer: (इस लेख में बताये गए टिप्स सिर्फ आम जानकारी के लिए हैं। किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। Newstrack किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

1 / 8
Your Score0/ 8
Priya Singh Bisen
ABOUT THE AUTHOR

Priya Singh Bisen

Priya Singh Bisen is a Content Writer at Newstrack.com.

Next Story