PCOS vs Thyroid Disorders: हर महिला को जानना चाहिए कैसे जुड़ा है PCOS और Thyroid Disorders का रिश्ता, क्या हैं इसके लक्षण

PCOS vs Thyroid Disorders: यदि आप PCOS के लक्षणों का अनुभव कर रही हैं, तो थायरॉयड कार्य का मूल्यांकन करना महत्वपूर्ण है, क्योंकि एक उपक्लिनिकल थायरॉयड विकार भी हार्मोनल संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

Ragini Sinha
Published on: 23 May 2025 11:58 AM IST (Updated on: 23 May 2025 12:01 PM IST)
PCOS and Thyroid Disorders
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what is PCOS and Thyroid Disorders treatment symptoms (social media)

PCOS vs Thyroid Disorders: क्या आपको बार-बार अनियमित पीरियड्स होते हैं? चेहरे या शरीर पर अनचाहे बाल तेजी से बढ़ रहे हैं? मुंहासे बार-बार लौट आते हैं और वजन भी कम होने का नाम नहीं ले रहा? अगर हां... तो ये संकेत हो सकते हैं कि आपके हार्मोन बैलेंस में कुछ गड़बड़ है और ये गड़बड़ अक्सर Polycystic Ovary Syndrome (PCOS) और Thyroid Disorder दोनों से जुड़ी होती है।

आमतौर पर देखा गया है कि PCOS और Thyroid की समस्या कई महिलाओं में एक साथ पाई जाती है। इन दोनों के लक्षण मिलते-जुलते होते हैं, लेकिन इनकी पहचान और इलाज अलग-अलग होते हैं। आइए जानते हैं कि ये दोनों समस्याएं एक-दूसरे से कैसे जुड़ी होती हैं, इनकी पहचान कैसे की जाती है और क्या है सही इलाज का तरीका।


क्या है PCOS?

PCOS एक हार्मोनल समस्या है, जिसमें महिलाओं की ओवरी में छोटे-छोटे सिस्ट्स बन जाते हैं। इसके कारण पीरियड्स अनियमित हो जाते हैं और मेल हार्मोन (टेस्टोस्टेरोन) बढ़ जाता है। इससे चेहरे, छाती या पीठ पर बाल बढ़ सकते हैं, मुंहासे हो सकते हैं। यह स्थिति महिलाओं की फर्टिलिटी को भी प्रभावित करती है और गर्भधारण में कठिनाई हो सकती है। इसके अलावा, वजन बढ़ना, थकान, और मूड स्विंग्स जैसे लक्षण भी देखे जा सकते हैं। इसका समय पर निदान और सही इलाज से इसके लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है और जीवनशैली में बदलाव के साथ इसे मैनेज किया जा सकता है।

क्या है Thyroid Disorder?

Thyroid एक छोटी सी तितली के आकार की ग्रंथि होती है, जो हमारे गले के सामने हिस्से में, स्वर तंत्र के ठीक नीचे स्थित रहती है। भले ही इसका आकार छोटा होता है, लेकिन इसकी भूमिका हमारे शरीर के लिए बहुत बड़ी है। ये ग्रंथि ऐसे हार्मोन बनाती है जो हमारे मेटाबॉलिज्म यानी शरीर की ऊर्जा बनाने और खर्च करने की प्रक्रिया को कंट्रोल करती है। अगर Thyroid ठीक से काम न करे, तो हमारी पूरी दिनचर्या बिगड़ सकती है।

कई बार लोग बिना किसी खास वजह के थकान महसूस करते हैं, वजन तेजी से बढ़ने लगता है या फिर बाल झड़ने लगते हैं। कुछ लोगों को ठंड ज्यादा लगने लगती है, तो कुछ को घबराहट और बेचैनी सताने लगती है।ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि समय-समय पर Thyroid की जांच करवाई जाए और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सही इलाज शुरू किया जाए।


Thyroid दो तरह का होता है

  • हाइपोथायरॉयडिज्म (Hypothyroidism) – जब Thyroid कम काम करता है
  • हाइपरथायरॉयडिज्म (Hyperthyroidism) – जब Thyroid ज्यादा एक्टिव हो जाता है
  • महिलाओं में खासकर हाइपोथायरॉयडिज्म ज्यादा देखने को मिलता है और ये PCOS से भी जुड़ा हो सकता है।

कैसे जुड़ी होती हैं PCOS और थायरॉयड की समस्या?

डॉ. प्रमिला कालरा कहती हैं कि PCOS से पीड़ित महिलाओं में Thyroid की समस्या होने की संभावना आम महिलाओं की तुलना में ज्यादा होती है। Thyroid की समस्या से शरीर में TSH (Thyroid Stimulating Hormone) और प्रोलैक्टिन जैसे हार्मोन बढ़ जाते हैं, जिससे अंडाशय पर असर होता है। इससे LH और FSH (जो मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित करते हैं) का संतुलन बिगड़ जाता है और ओव्यूलेशन नहीं हो पाता। इसका नतीजा यह होता है कि महिलाओं के पीरियड्स अनियमित, अंडाशय में सिस्ट्स और गर्भधारण में कठिनाई हो सकती है।


मेटाबॉलिज्म और इंसुलिन रेसिस्टेंस पर असर

PCOS और Thyroid दोनों ही शरीर की इंसुलिन के साथ प्रतिक्रिया को प्रभावित करते हैं। इससे वजन बढ़ना, थकान और शुगर लेवल का असंतुलन जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। अगर दोनों स्थितियां एक साथ हों, तो इंसुलिन रेसिस्टेंस और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं और भी ज्यादा बढ़ जाती हैं। अच्छी खबर यह है कि अगर Thyroid का इलाज समय पर किया जाए जैसे कि Thyroid हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी तो PCOS से जुड़ी इंसुलिन रेसिस्टेंस की समस्या भी काफी हद तक कंट्रोल की जा सकती है।

कौन से हैं वो लक्षण जो दोनों समस्याओं में दिख सकते हैं

  • बार-बार थकान रहना
  • वजन तेजी से बढ़ना
  • पीरियड्स का अनियमित होना
  • मुंहासे और बालों का झड़ना
  • मूड स्विंग्स या डिप्रेशन
  • चेहरे/छाती पर बाल बढ़ना

सही समय पर टेस्ट क्यों जरूरी है?

PCOS और Thyroid के लक्षण कई बार इतने समान होते हैं कि महिलाएं भ्रमित हो जाती हैं। इसलिए डॉक्टरों का कहना है कि अगर आपको PCOS का संदेह है तो सबसे पहले Thyroid की जांच करवाना जरूरी है।

आमतौर पर ये टेस्ट किए जाते हैं

  • TSH, T3 और T4 टेस्ट (थायरॉयड के लिए)
  • टेस्टोस्टेरोन और DHEAS (PCOS के लिए)
  • इंसुलिन और ग्लूकोज लेवल
  • पेल्विक अल्ट्रासाउंड (ओवरी की जांच के लिए)

इलाज का तरीका

Thyroid का इलाज: हाइपोथायरॉयडिज्म के लिए डॉक्टर लेवोथायरॉक्सिन नाम की दवा देते हैं। नियमित जांच जरूरी है, ताकि डोज सही रहे।

PCOS का इलाज: पीरियड्स को रेगुलर करने के लिए हार्मोनल मेडिकेशन, इंसुलिन रेसिस्टेंस के लिए मेटफॉर्मिन, वजन कम करने और लाइफस्टाइल सुधारने पर जोर दिया जाता है।

खुद का ख्याल कैसे रखें?

  • रोजाना 30 मिनट वॉक या योग करें
  • प्रोसेस्ड फूड से दूर रहें, हेल्दी डायट लें
  • स्ट्रेस को कंट्रोल करें –मेडिटेशन या काउंसलिंग मददगार हो सकती है
  • अपने शरीर के बदलावों को समझें और डॉक्टर से सलाह लेने में देरी न करें

PCOS और Thyroid दोनों ही आम बिमारी है, लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं, खासकर महिलाओं में। अगर इनका समय पर सही तरीके से इलाज न किया जाए, तो ये आपकी प्रजनन क्षमता, मानसिक स्वास्थ्य और मेटाबॉलिज्म सभी को प्रभावित कर सकती हैं।


अगर आप लगातार थकान, पीरियड्स की अनियमितता, या वजन बढ़ने जैसी समस्याओं से जूझ रही हैं, तो सिर्फ अनुमान लगाना बंद कीजिए और सही मेडिकल जांच कराइए। सही समय पर पता लग जाने से जीवन आसान हो सकता है। आपका शरीर हर वक्त कुछ कह रहा होता है, उसे सुनिए, समझिए और उसका ख्याल रखिए।

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Ragini Sinha is a Former News Publisher at Newstrack.com.

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