मुद्दों की जंग या उपलब्धियों की रेस? आखिर क्या है बिहार चुनाव के सियासी समीकरण

बिहार चुनाव में क्या वाकई एनडीए की योजनाएं राज्य को बदल सकती हैं? या फिर विपक्ष का आरोप सही है कि नीतीश कुमार की सरकार में कुछ बड़ी खामियां हैं?

Shivam Shrivastava
Published on: 23 Aug 2025 7:47 PM IST
मुद्दों की जंग या उपलब्धियों की रेस? आखिर क्या है बिहार चुनाव के सियासी समीकरण
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Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनावों में एक ओर एनडीए गठबंधन की पार्टियां अपनी उपलब्धियों को गिन रही हैं, तो दूसरी ओर विपक्षी गठबंधन की पार्टियां नीतीश कुमार के दो दशक लंबे शासन की कमियों पर सवाल उठा रही हैं। चुनावी माहौल में नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए सरकार ने लगातार कई योजनाओं का ऐलान किया है।

चुनावों में नकारात्मक और सकारात्मक प्रचार की बहस छाई हुई है। बेरोजगारी, पलायन, शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस और SIR जैसे दल मतदान में गड़बड़ी के आरोप लगा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय जनता दल कांग्रेस के मुद्दों के आधार पर अपनी राजनीति चला रहा है। इंडिया ब्लॉक का कहना है कि बीजेपी और सत्तारूढ़ दल मिलकर चुनाव आयोग के साथ मिलकर मतदाता सूची में हेराफेरी कर रहे हैं।

इंडिया गठबंघन मिलकर वोटर अधिकार यात्रा निकाल रहे हैं। इसी बीच, एनडीए अपने विकास कार्यों को उजागर कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने गया में 13,000 करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। वहीं नीतीश सरकार ने उद्योगों के लिए आर्थिक पैकेज और रेलवे इंटरलिंकिंग जैसे फैसले किए हैं। सत्तारूढ़ गठबंधन इसे अपनी चुनावी ताकत बना रही है।

इंडिया ब्लॉक का नैरेटिव क्या है?

• सांप्रदायिकता और ध्रुवीकरण: इंडिया ब्लॉक का कहना है कि नीतीश कुमार अब बीजेपी की विचारधारा के साथ खड़े हैं, जबकि वे समाजवादी थे। हाल ही में उन्होंने मुस्लिम टोपी पहनने और धार्मिक चिह्नों को अपनाने से मना कर दिया, जिसे विपक्ष ने सांप्रदायिक ध्रुवीकरण के रूप में प्रस्तुत किया है।

• मतदाता सूची में गड़बड़ी: इंडिया ब्लॉक का आरोप है कि बीजेपी और नीतीश सरकार ने बिहार में चुनाव से पहले मतदाता सूची में व्यापक हेराफेरी की। 65 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए और उन्हें मृत घोषित कर दिया गया, जिससे उनका वोट डालने का अधिकार समाप्त हो गया। विपक्ष इसे वोट चोरी मानते हुए विरोध कर रहा है।


• गुंडाराज का आरोप: इंडिया ब्लॉक के नेता नीतीश सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकामी का आरोप लगा रहे हैं। कांग्रेस और आरजेडी का कहना है कि बिहार अब अपराध की राजधानी बन चुका है, जहां पटना और मोतिहारी जैसे इलाकों में दिनदहाड़े अपराध हो रहे हैं। अवैध शराब तस्करी और रेत माफियाओं का आतंक भी बढ़ चुका है।

• कमजोर पुलिसिंग: इंडिया ब्लॉक यह भी आरोप लगाता है कि बिहार में पुलिसकर्मियों की हत्या हो रही है और पुलिस व्यवस्था कमजोर है। मार्च 2025 में दो एएसआई की हत्या के बाद नीतीश सरकार पर सवाल उठे हैं।

• केंद्र का दबाव: इंडिया ब्लॉक का दावा है कि नीतीश कुमार राज्य को स्वतंत्र रूप से नहीं चला रहे, बल्कि वे प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के दबाव में हैं। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव का कहना है कि बिहार को गुजरात की तरह चलाने की एक साजिश रची जा रही है।

क्या है राजग का नैरेटिव?

• जंगलराज: बीजेपी और जेडीयू बार-बार लालू यादव और राबड़ी देवी की सरकार की याद दिला रहे हैं। उनका कहना है कि अगर तेजस्वी यादव सीएम बने, तो बिहार में अपराध, अपहरण और जंगलराज की वापसी हो जाएगी, जैसा कि 1990 से 2000 तक बिहार में हुआ था।

• विकास, रोजगार और समृद्धि: एनडीए का कहना है कि नीतीश कुमार ने लाखों लोगों को रोजगार दिया और अगले पांच सालों में 1 करोड़ लोगों को रोजगार देने का वादा किया है। नीतीश सरकार के तहत राज्य का बुनियादी ढांचा बेहतर हुआ है और उद्योगों का विकास हुआ है।

• कानून-व्यवस्था: एनडीए का कहना है कि नीतीश कुमार ने बिहार को जंगलराज से बाहर निकाला। अगर जेडीयू की सरकार नहीं रही, तो राज्य फिर से अपराध, जातिवाद और सांप्रदायिक हिंसा की चपेट में आ जाएगा।

• उद्योग: सरकार ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की है। नीतीश कुमार ने हाल ही में ऐलान किया कि अब उद्योगपतियों को कई योजनाओं में बड़ी छूट दी जाएगी ताकि राज्य में उद्योगों की संख्या बढ़ सके।


• जनकल्याणकारी योजनाएं: नीतीश कुमार ने कई कल्याणकारी योजनाओं का ऐलान किया है। जैसे विधवा पेंशन को 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये करना, 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का वादा, 39 लाख सरकारी नौकरियां और 1 करोड़ रोजगार देने का वादा किया है। साथ ही 17 नए औद्योगिक पार्क और पर्यटन को बढ़ावा देने की योजना भी बनाई गई है।

विपक्ष सरकार की कमियों को उजागर कर रहा है, जबकि एनडीए अपने विकास कार्यों को लेकर मुखर है। उनका दावा है कि एक बार फिर नीतीश कुमार की सरकार बिहार में बनेगी।

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Shivam Shrivastava
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Shivam Shrivastava

शिवम उत्तर प्रदेश के एक युवा और उभरते पत्रकार हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 4 वर्षों का अनुभव प्राप्त है। वे राजनीति, अपराध, स्वास्थ्य और हाइपरलोकल खबरों की गहरी समझ रखते हैं और समसामयिक मुद्दों पर सटीक व प्रभावशाली रिपोर्टिंग के लिए जाने जाते हैं। उनकी विशेष रुचि डाटा-ड्रिवन पत्रकारिता और विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग में है, जिससे उनकी खबरें अधिक तथ्यात्मक और विश्वसनीय बनती हैं। वे जमीनी स्तर की रिपोर्टिंग के साथ-साथ डिजिटल मीडिया के बदलते स्वरूप को भी समझते हैं। लेखन और रिसर्च में उनकी मजबूत पकड़ उन्हें एक सक्षम और जिम्मेदार पत्रकार के रूप में स्थापित करती है।

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