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241 लाशें... एक जिंदा! अहमदाबाद में हुई मौत की बारिश में कैसे बचा ब्रिटेन का नागरिक? देखें वीडियो
Ahmedabad plane crash survivor: गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को हुई एयर इंडिया के बोइंग विमान की भयावह दुर्घटना ने देश ही नहीं, पूरी दुनिया को हिला दिया। इस विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 की मौत की पुष्टि हो चुकी है। लेकिन हादसे के बाद जो कहानी सामने आई, उसने सबको हैरान कर दिया।
Ahmedabad plane crash survivor: बचपन से सुनी थी कहानियां ‘किस्मत वाले’ लोगों की, लेकिन गुजरात के आसमान में गुरुवार को जो हुआ, उसने पूरी दुनिया को यकीन दिला दिया कि चमत्कार आज भी होते हैं। मौत का मंजर था, चीख-पुकार थी, आग की लपटें थीं और धुएं के गुबार के बीच एक शख्स... जो बिना सहारे के अपने पैरों पर चल रहा था। 241 मौतों के बीच जिंदा बचा ये शख्स आज सोशल मीडिया से लेकर न्यूज चैनलों तक सुर्खियों में है — नाम है विश्वास कुमार रमेश। गुजरात के अहमदाबाद में गुरुवार को हुई एयर इंडिया के बोइंग विमान की भयावह दुर्घटना ने देश ही नहीं, पूरी दुनिया को हिला दिया। इस विमान में कुल 242 लोग सवार थे, जिनमें से 241 की मौत की पुष्टि हो चुकी है। लेकिन हादसे के बाद जो कहानी सामने आई, उसने सबको हैरान कर दिया। मलबे के ढेर और जलते टुकड़ों के बीच से निकलकर जब एक व्यक्ति चलता हुआ दिखाई दिया, तो हर किसी ने अपनी आंखों पर यकीन करना छोड़ दिया। वो न कोई सुपरहीरो था, न कोई फिल्मी किरदार... वो एक आम इंसान था, जिसकी किस्मत ने उसे मौत के मुंह से खींच कर बाहर निकाल दिया।
परिवार से मिलने भारत आये थे विश्वास
ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश वही शख्स हैं, जो इस हादसे में चमत्कारिक रूप से जिंदा बचे। 40 साल के विश्वास अपने परिवार से मिलने भारत आए थे और अब लंदन लौट रहे थे। लेकिन किसे पता था कि ये सफर उनकी जिंदगी का सबसे डरावना और खौफनाक अनुभव बन जाएगा। उन्होंने बताया कि टेकऑफ के महज तीस सेकंड बाद ही जोरदार धमाका हुआ, और विमान जमीन पर आ गिरा। चारों ओर चीख-पुकार मच गई, आग की लपटें उठीं और शरीर के टुकड़े बिखर गए। जब विश्वास को होश आया तो उनके चारों ओर सिर्फ लाशें थीं।
अचानक उठा और चलने लगा
हैरानी की बात ये रही कि इतनी भयानक दुर्घटना में विश्वास को कोई बड़ा जख्म नहीं आया। उन्होंने किसी तरह खुद को उठाया और चलने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला और फौरन एंबुलेंस में डालकर अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने भी पुष्टि की कि सीट 11ए पर ये जीवित व्यक्ति मिला था। अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर जीएस मलिक ने कहा कि विमान आवासीय इलाके में गिरा, जिससे मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है। अभी तक मरने वालों के आधिकारिक आंकड़े आना बाकी हैं। लेकिन इस भीषण हादसे में विश्वास का जिंदा बचना पूरे घटनाक्रम का सबसे चौंकाने वाला पहलू बन गया है।
क्या कहा विश्वास ने
रिपोर्ट में विश्वास ने बताया कि वो पिछले 20 साल से लंदन में रह रहे हैं। उनकी पत्नी और बच्चे वहीं रहते हैं। इस बार वह भारत अपने परिवार से मिलने आए थे। दुख की बात ये है कि विश्वास का बड़ा भाई अजय कुमार रमेश भी उसी विमान में था, लेकिन अब तक उसके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई है। विश्वास की आंखों में आंसू थे जब उन्होंने कहा, "मैं भागा... लेकिन पीछे मेरा भाई रह गया।" ये कहानी सिर्फ एक विमान हादसे की नहीं है। ये कहानी है किस्मत की, इंसानी जिजीविषा की, और उस अदृश्य ताकत की, जो कभी-कभी मौत के सबसे गहरे अंधेरों से भी इंसान को बचाकर बाहर निकाल लाती है। गुरुवार को अहमदाबाद में मौत ने दस्तक दी थी... लेकिन विश्वास कुमार रमेश ने उसे मात दे दी।


