कौन है बैलिस्टिक मिसाइलों का बेताज बादशाह? जानकर हिल जाएंगे, भारत की भी हुई हैरतअंगेज एंट्री

वैसे तो दुनिया के 31 देश अपने पास बैलिस्टिक मिसाइलें होने का दावा करते हैं। लेकिन असलियत में भारत, चीन, अमेरिका और रूस जैसे कुछ ही देशों के पास ऐसी ICBM मिसाइलें हैं। ICBM का मतलब वो मिसाइलें हैं, जिनकी मारक क्षमता 5500 किलोमीटर से ज्यादा है। जरा सोचिए, इस रेंज में एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप में स्थित किसी देश को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है। यह क्षमता ही इन मिसाइलों को इतना खतरनाक बनाती है।

Shivam Shrivastava
Published on: 15 Jun 2025 6:37 PM IST
कौन है बैलिस्टिक मिसाइलों का बेताज बादशाह? जानकर हिल जाएंगे, भारत की भी हुई हैरतअंगेज एंट्री
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ईरान और इजरायल के बीच शुरू हुए संघर्ष ने एक बार फिर पूरी दुनिया को युद्ध के दोराहे पर लाकर खड़ा कर दिया है। जैसे ही ईरान ने इजरायल पर 40 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इजरायल के एंटी-डोम सिस्टम ने उन्हें हवा में ही खाक कर दिया। इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की मारक क्षमता वाली मिसाइलों खासकर ICBM को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सबके मन में एक ही सवाल है क्या ये छोटे हमले किसी बड़े विनाशकारी खतरे का सिर्फ ट्रेलर हैं?

ICBM वो हथियार जो बदल सकता है दुनिया

वैसे तो दुनिया के 31 देश अपने पास बैलिस्टिक मिसाइलें होने का दावा करते हैं। लेकिन असलियत में भारत, चीन, अमेरिका और रूस जैसे कुछ ही देशों के पास ऐसी ICBM मिसाइलें हैं। ICBM का मतलब वो मिसाइलें हैं, जिनकी मारक क्षमता 5500 किलोमीटर से ज्यादा है। जरा सोचिए, इस रेंज में एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप में स्थित किसी देश को आसानी से निशाना बनाया जा सकता है। यह क्षमता ही इन मिसाइलों को इतना खतरनाक बनाती है।

रूस के पास सबसे घातक मिसाइल

इस वक्त दुनिया की सबसे खतरनाक और लंबी रेंज की बैलिस्टिक मिसाइल रूस के पास है। इसे RS-20V कहते हैं, जिसका दूसरा नाम SS-18 है। इसे आमतौर पर 'शैतान' के नाम से भी जाना जाता है। इसकी रेंज 10,200 से 16,000 किलोमीटर तक है, जो इसे सचमुच एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप तक मार करने में सक्षम बनाती है। रूस का यह ब्रह्मास्त्र किसी भी विरोधी को घुटनों पर लाने की ताकत रखता है।

चीन और अमेरिका में है कड़ी टक्कर

रूस के बाद चीन और अमेरिका के पास दुनिया की दूसरी सबसे लंबी रेंज की बैलिस्टिक मिसाइलें मौजूद हैं।

• चीन: चीन के पास DF-5A है। जो अपनी पहली पीढ़ी के DF-5 का ही अपग्रेडेड वर्जन है। यह साइलो-बेस्ड और लिक्विड-फ्यूल्ड ICBM है। इसकी मारक क्षमता करीब 13,000 किलोमीटर है।

• अमेरिका: अमेरिका भी इस दौड़ में पीछे नहीं है। उसके पास मिनटमैन-3 बैलिस्टिक मिसाइल है। जिसकी रेंज 9,650 से 13,000 किलोमीटर है। वहीं, इजरायल के पास भी जेरिको-3 नाम की अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है। जिसकी रेंज 4,800 से 6,500 किलोमीटर तक है।

भारत भी नहीं है पीछे

भारत के पास भी बैलिस्टिक मिसाइलों की शानदार तकनीक है और हमारी अग्नि सीरीज की मिसाइलें इसका जीता-जागता उदाहरण हैं।

• अग्नि 3 की मारक क्षमता 3,200 किलोमीटर है।

• अग्नि 4 की रेंज 4,000 किलोमीटर है।

• अग्नि 5 की मारक क्षमता 5,000 से 5,500 किलोमीटर है, जो इसे ICBM की श्रेणी के करीब लाती है।

इतना ही नहीं, भारत अग्नि 6 मिसाइल भी विकसित कर रहा है, जिसकी मारक क्षमता कहीं ज्यादा होगी और यह भारत को इस एलीट क्लब में और भी मजबूत स्थिति में ले आएगी। इसके अलावा, ईरान के पास सेजिल-2 मिसाइल है। जिसकी रेंज 1,500-2,500 किलोमीटर है। वहीं, पाकिस्तान के पास भी बैलिस्टिक मिसाइल शाहीन 2 है। जिसकी मारक क्षमता भी 1,500-2,500 किलोमीटर है।

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