ईंट-पत्थर और जलता बंगाल! दुकान खोलने के विवाद ने रवींद्र नगर को बना दिया रणक्षेत्र, पुलिस पर हुए हमले

Benal Ravindra Nagar clash: सुबह के वक्त रवींद्र नगर की गलियों में गहमागहमी आम दिनों जैसी थी। मगर एक छोटी-सी बात ने ऐसा विस्फोट किया कि पूरा इलाका आग की गिरफ्त में आ गया। महेशतला में एक फल की दुकान खोलने को लेकर दो गुटों के बीच कहासुनी शुरू हुई। मामूली विवाद से शुरू हुआ यह झगड़ा कुछ ही घंटों में हिंसा में तब्दील हो गया।

Harsh Srivastava
Published on: 11 Jun 2025 7:18 PM IST
ईंट-पत्थर और जलता बंगाल! दुकान खोलने के विवाद ने रवींद्र नगर को बना दिया रणक्षेत्र, पुलिस पर हुए हमले
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Benal Ravindra Nagar clash: बंगाल की ज़मीन एक बार फिर हिंसा की लपटों में घिर गई है। दक्षिण 24 परगना जिले के रवींद्र नगर के अकरा संतोषपुर इलाके में बुधवार सुबह जो एक मामूली झड़प के रूप में शुरू हुआ, वो दोपहर होते-होते किसी युद्ध के मैदान जैसा मंजर पेश करने लगा। दुकानों के शटर गिरे पड़े थे, गलियों में बाइकें जल रही थीं, छतों से ईंटों की बारिश हो रही थी और पुलिसकर्मी खून से लथपथ भागते नजर आ रहे थे। पूरे इलाके में आग, धुएं और चीख-पुकार का ऐसा मंज़र बन गया जिसने हर किसी को हिलाकर रख दिया।

क्यों हुआ बवाल

सुबह के वक्त रवींद्र नगर की गलियों में गहमागहमी आम दिनों जैसी थी। मगर एक छोटी-सी बात ने ऐसा विस्फोट किया कि पूरा इलाका आग की गिरफ्त में आ गया। महेशतला में एक फल की दुकान खोलने को लेकर दो गुटों के बीच कहासुनी शुरू हुई। मामूली विवाद से शुरू हुआ यह झगड़ा कुछ ही घंटों में हिंसा में तब्दील हो गया। दोनों तरफ से पत्थर चलने लगे, लाठी-डंडे निकाले गए, फिर आगजनी शुरू हो गई। मामला यहीं नहीं रुका। जैसे ही पुलिस ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की, हिंसक भीड़ ने पुलिस पर ही हमला बोल दिया। रवींद्रनगर पुलिस स्टेशन के सामने खड़ी एक बाइक को पेट्रोल छिड़ककर जला दिया गया। स्थिति उस वक्त और भयावह हो गई जब छतों से अचानक पुलिस पर ईंटों की बरसात होने लगी। पुलिसकर्मी अपनी ढालें लेकर जान बचाने में जुटे थे, लेकिन एक महिला कांस्टेबल उन ईंटों की चपेट में आ गई और गहरे जख्मी हो गई। खून से लथपथ महिला पुलिस अधिकारी को साथी पुलिसकर्मी किसी तरह बचाकर बाहर लेकर आए।

पुलिस ने स्थिति संभालने की कोशिश की लेकिन नहीं बानी बात

हिंसा के इस तांडव के बीच पुलिस ने पहले बातचीत कर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन माहौल बिगड़ता ही चला गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे गए, लेकिन कुछ देर बाद ईंटबाजी का दूसरा दौर शुरू हो गया। रवींद्रनगर का इलाका देखते ही देखते एक युद्ध क्षेत्र में बदल गया, जहां हर तरफ सिर्फ डर और दहशत पसरी हुई थी।

बंगाल की राजनीति गर्मायी

इस घटना ने बंगाल की राजनीति को भी गर्मा दिया है। विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस हिंसा को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, “बंगाल में कानून-व्यवस्था नाम की चीज बची ही नहीं है। आम लोगों की जिंदगी नरक बन चुकी है। ममता सरकार पुलिस प्रशासन का राजनीतिक इस्तेमाल कर रही है, इसी का नतीजा है कि पुलिस पर ही हमला हो रहा है।” वहीं दूसरी तरफ सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेता कुणाल घोष ने मामले पर राजनीति करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रहा है। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।

लेकिन सच तो यही है कि जिस रवींद्र नगर की गलियां कल तक शांत थीं, वहां आज सिर्फ राख, टूटी दुकानों और जली हुई बाइकों की तस्वीरें रह गई हैं। स्थानीय लोगों के चेहरों पर खौफ साफ दिखता है। यह सिर्फ एक फल की दुकान खोलने का विवाद नहीं था, बल्कि बंगाल की राजनीति में अंदर ही अंदर सुलगती असहिष्णुता और गुटबाजी की आग का नतीजा था, जिसने एक पूरे इलाके को राख में तब्दील कर दिया।

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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