राजस्थान और ओडिशा को मोदी कैबिनेट का बड़ा तोहफा, दो बड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी

मोदी कैबिनेट ने कोटा में ₹1507 करोड़ के ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और ओडिशा में ₹8307 करोड़ की लागत से 6-लेन भुवनेश्वर रिंग रोड को मंजूरी दी।

Shivam
Published on: 19 Aug 2025 3:51 PM IST (Updated on: 19 Aug 2025 3:58 PM IST)
राजस्थान और ओडिशा को मोदी कैबिनेट का बड़ा तोहफा, दो बड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति ने आज कोटा-बूंदी में 1507.00 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से ग्रीन फील्ड हवाई अड्डे के विकास के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। चंबल नदी के तट पर स्थित कोटा को राजस्थान की औद्योगिक राजधानी माना जाता है। इसके अलावा, कोटा भारत के शैक्षिक कोचिंग हब के रूप में प्रसिद्ध है।

राजस्थान सरकार ने ए-321 प्रकार के विमानों के संचालन के लिए उपयुक्त ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे के विकास के लिए एएआई को 440.06 हेक्टेयर भूमि हस्तांतरित की है। इस परियोजना में 20,000 वर्गमीटर क्षेत्र में फैले एक टर्मिनल भवन का निर्माण शामिल है, जो 2 मिलियन यात्री प्रति वर्ष की वार्षिक क्षमता के साथ 1000 पीक ऑवर यात्रियों को संभालने में सक्षम है, रनवे 11/29 का आकार 3200 मीटर x 45 मीटर, ए-321 प्रकार के विमानों के लिए 07 पार्किंग बे के साथ एप्रन, दो लिंक टैक्सीवे, एटीसी सह तकनीकी ब्लॉक, फायर स्टेशन, कार पार्क और संबद्ध कार्य।

इसमें 1220 मीटर x 38 मीटर आकार का एक रनवे (08/26) है, जो कोड 'बी' विमानों (जैसे डीओ-228) के लिए उपयुक्त है, और एक एप्रन है जो दो ऐसे विमानों को समायोजित कर सकता है। टर्मिनल भवन 400 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है और व्यस्त समय के दौरान 50 यात्रियों को संभालने में सक्षम है। अपर्याप्त भूमि उपलब्धता और हवाई अड्डे के आसपास शहरीकरण के कारण मौजूदा हवाई अड्डे को वाणिज्यिक संचालन के लिए विकसित नहीं किया जा सकता है।

ओडिशा में ₹8307 करोड़ की लागत से बनेगा 6-लेन भुवनेश्वर रिंग रोड

इसके साथ ही मंत्रिमंडलीय समिति ने मंगलवार को ओडिशा में हाइब्रिड एन्युइटी मोड के माध्यम से 8307.74 करोड़ रुपये की कुल पूंजीगत लागत से 6-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड कैपिटल रीजन रिंग रोड (भुवनेश्वर बाईपास - 110.875 किमी) के निर्माण को मंजूरी दे दी।

यह परियोजना कटक, भुवनेश्वर और खोरधा शहरों से भारी वाणिज्यिक यातायात को हटाकर ओडिशा और अन्य पूर्वी राज्यों को महत्वपूर्ण लाभ प्रदान करेगी। इससे माल ढुलाई की दक्षता बढ़ेगी, रसद लागत कम होगी और क्षेत्र में सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

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Shivam is a multimedia journalist.

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