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परिणामों में बाहुबलियों ने दिखाया बाहुबल... रॉबिनहुड की छवि आ रही काम, बनाई बंपर बढ़त
बिहार चुनाव 2025 में दबंग और बाहुबली नेताओं की क्या है स्थिति? मोकामा, तरारी, रधुनाथपुर और अन्य 12 सीटों पर वोटों की गिनती में कौन बढ़त बनाए हुए है, जानें ताजा रुझान और राजनीतिक हलचल।
बिहार की राजनीति में दबंग नेताओं, बाहुबली और उनके परिवारों का प्रभाव नया नहीं है, और 2025 के विधानसभा चुनाव में यह परंपरा जारी है। जेल की सजा काट चुके या विवादास्पद इतिहास वाले ये नेता अब भी मतदाताओं के बीच मजबूत पकड़ रखते हैं और कई पार्टियों की पहली पसंद बने हुए हैं। यह प्रवृत्ति इस राज्य की राजनीतिक संस्कृति में गहराई से जमी हुई है।
इस बार लगभग 12 विधानसभा सीटों पर प्रमुख बाहुबली चुनावी मैदान में हैं, जो इस चुनाव को विशेष रूप से चर्चित बना रहे हैं। चलिए जानते हैं इन सीटों और वर्तमान रुझानों का हाल।
वे सीटें जहां बाहुबली मैदान में हैं:
मोकामा, तरारी, रधुनाथपुर, मांझी, संदेश, दानापुर, वारिसलीगंज, बनियापुर, शाहपुर, लालगंज, बेलागंज, बाढ़।
सीटवार रुझान
मोकामा: बिहार की सबसे चर्चित सीट मोकामा में जेडीयू के बाहुबली नेता अनंत सिंह फिलहाल आगे चल रहे हैं। उनकी टक्कर आरजेडी की वीणा देवी और जन सुराज पार्टी के पीयूष प्रियदर्शी से है। यहां 6 नवंबर को लगभग 64% वोटिंग हुई थी।
तरारी: इस सीट पर बाहुबली सुनील पांडेय के बेटे विशाल प्रशांत बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। 2024 के उपचुनाव में विशाल ने जीत दर्ज की थी। ताजा रुझानों में विशाल आगे चल रहे हैं। उनकी चुनौती सीपीआई(एम) के मदन सिंह और जन सुराज पार्टी के चंद्रशेखर सिंह से है।
रधुनाथपुर: आरजेडी ने पूर्व सांसद और बाहुबली शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा शहाब को उम्मीदवार बनाया है। ओसामा फिलहाल आगे चल रहे हैं। एनडीए ने विकाश कुमार सिंह को मैदान में उतारा है, जबकि जन सुराज पार्टी के राहुल कुमार सिंह भी मुकाबले में हैं। यह सीट ऐतिहासिक रूप से जेडीयू की मानी जाती है।
मांझी: जेडीयू, सीपीआई(एम) और जन सुराज पार्टी के बीच कड़ी टक्कर है। बाहुबली प्रभुनाम सिंह के बेटे रणधीर कुमार सिंह जेडीयू के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं और फिलहाल आगे हैं। उनके विरोधी हैं सीपीआई(एम) से डॉक्टर सत्येंद्र यादव और जन सुराज पार्टी से यदुवंश गिरी।
संदेश: बाहुबली अरुण यादव के बेटे दीपू यादव आरजेडी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। उनकी टक्कर जेडीयू नेता और बालू माफिया राधा चरण से है। ताजा रुझानों में दीपू यादव मामूली बढ़त बनाए हुए हैं।
दानापुर: भाजपा के रामकृपाल यादव फिलहाल आगे चल रहे हैं। वहीं बाहुबली नेता रीता लाल यादव आरजेडी के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं और पीछे चल रहे हैं।
वारिसलीगंज: यहां दो बाहुबली नेताओं की पत्नियों के बीच मुकाबला है। आरजेडी की अनीता देवी और बीजेपी की अरुणा देवी चुनाव लड़ रही हैं। अनीता देवी बाहुबली अशोक महतो की पत्नी हैं, जबकि अरुणा देवी बाहुबली अखिलेश सिंह की पत्नी हैं। फिलहाल बीजेपी की अरुणा देवी आगे हैं।
बनियापुर: बाहुबली नेताओं का गढ़ माना जाने वाला यह क्षेत्र फिलहाल आरजेडी की चांदनी देवी के हाथ में है। वह दिवंगत बाहुबली और पूर्व विधायक अशोक सिंह की पत्नी हैं। बीजेपी के केदारनाथ सिंह पीछे चल रहे हैं।
शाहपुर: यहां बीजेपी के राकेश रंजन फिलहाल आरजेडी के राहुल तिवारी और अन्य बाहुबली उम्मीदवारों से पीछे चल रहे हैं, जो चुनाव में बड़ा उलटफेर है।
लालगंज: आरजेडी से शिवानी शुक्ला, जो पूर्व विधायक और बाहुबली मुन्ना शुक्ला की बेटी हैं, बीजेपी के संजय कुमार सिंह के खिलाफ मैदान में हैं। ताजा रुझानों में शिवानी शुक्ला आगे हैं।
बेलागंज: आरजेडी के बाहुबली विश्वनाथ कुमार सिंह और जेडीयू की मनोरमा देवी के बीच मुकाबला है। फिलहाल मनोरमा देवी बढ़त बनाए हुए हैं।
बाढ़: आरजेडी के बाहुबली कर्णवीर सिंह उर्फ़ लल्लू मुखिया और बीजेपी के सियाराम सिंह के बीच कड़ा मुकाबला है। ताजा रुझानों में सियाराम सिंह आगे हैं।
जैसे-जैसे वोटों की गिनती आगे बढ़ेगी, इन सीटों का नतीजा न सिर्फ व्यक्तिगत विजेताओं को तय करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि बिहार की राजनीति में बाहुबली और उनके परिवारों का प्रभाव कितनी मजबूत है।


