दिल्ली ब्लास्ट में खुला 42 वीडियो का सबसे बड़ा राज, तुर्किए से शुरू हुआ था पूरा प्लान, NIA के उड़े होश

NIA Delhi blast investigation: दिल्ली ब्लास्ट मामले में 42 बम बनाने के वीडियो और विदेशी हैंडलर्स का खुलासा हुआ। NIA ने डॉ. मुजम्मिल गनई और अन्य को गिरफ्तार कर आतंकी नेटवर्क की तह तक जाने की कोशिश शुरू कर दी है।

Harsh Srivastava
Published on: 21 Nov 2025 7:45 AM IST
दिल्ली ब्लास्ट में खुला 42 वीडियो का सबसे बड़ा राज, तुर्किए से शुरू हुआ था पूरा प्लान, NIA के उड़े होश
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NIA Delhi blast investigation: राजधानी दिल्ली में लाल किले के पास हुए सीरियल धमाकों को अंजाम देने वाले 'वॉइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल' के विदेशी लिंक अब स्पष्ट रूप से सामने आ रहे हैं। इस मामले की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है: तीन कथित विदेशी हैंडलर्स में से एक ने अल-फलाह से गिरफ्तार किए गए डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनई को एन्क्रिप्टेड (Encrypted) ऐप्स के जरिए बम बनाने के 42 वीडियो भेजे थे! इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। यह वही डॉक्टर मुजम्मिल गनई है जिसके ठिकाने से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई थी और जो दिल्ली में धमाका करने वाले फिदायीन हमलावर उमर नबी का मुख्य साथी था।

42 वीडियो से सीखा बम बनाना: विदेशी हैंडलर की भूमिका

जांच में अब तक दिल्ली धमाका मामले में तीन विदेशी हैंडलर्स के नाम सामने आए हैं, जिनकी पहचान हंजुल्लाह, निसार और उकासा के रूप में हुई है। हालांकि, जांच एजेंसियां मान रही हैं कि ये नाम फर्जी हो सकते हैं और उनकी असली पहचान कुछ और हो सकती है। पुलिस सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि इन हैंडलर्स में से मुख्य हैंडलर हंजुल्लाह ने ही डॉ. मुजम्मिल गनई को इनक्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का इस्तेमाल करते हुए 40 से अधिक वीडियो भेजे थे। इन वीडियो में विस्तार से बम बनाने का तरीका सिखाया गया था।

डॉ. गनई ने ही इन वीडियो के जरिए विस्फोटक सामग्री को जुटाया और उन्हें अपने ठिकानों पर छिपाकर रखा था। बाद में इन्हीं विस्फोटकों का इस्तेमाल फिदायीन हमलावर उमर नबी ने 10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास धमाके को अंजाम देने के लिए किया था, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी और लगभग 20 लोग घायल हुए थे।

तुर्की में हुई थी आतंकियों की 'सीक्रेट' मुलाकात

जांच एजेंसियों को इस 'वॉइट कॉलर आतंकी मॉड्यूल' के इंटरनेशनल नेटवर्क के बारे में और भी महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। यह सामने आया है कि साल 2022 में डॉ. मुजम्मिल शेख गनई, डॉ. मुजफ्फर राथर और फिदायीन हमलावर डॉ. उमर उन नबी को तुर्की में एक सीरियाई आतंकी से मिलवाया गया था। इस खतरनाक मुलाकात को सुनिश्चित करने में पाकिस्तानी हैंडलर्स ने अहम भूमिका निभाई थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इस आतंकी नेटवर्क के तार सीधे पाकिस्तान से जुड़े हुए हैं। डॉ. गनई को दिल्ली में धमाके से ठीक पहले तभी गिरफ्तार कर लिया गया था जब उसके ठिकानों से 2500 किलो विस्फोटक सामग्री, जिसमें 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट शामिल था, बरामद हुई थी।

NIA कस्टडी में 'आतंकी डॉक्टर': जैश के महिला विंग से जुड़ी थी शाहीन

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने एक दिन पहले ही डॉ. मुजम्मिल, डॉ. अदील अहमद राथर, शाहीन सईद और मुफ्ती इरफान अहमद को अपनी कस्टडी में लिया है। अब एनआईए इन आरोपियों के विदेशी लिंक से पूरी तरह पर्दा हटाने की कोशिश करेगी। जांच एजेंसियों ने यह भी खुलासा किया है कि गिरफ्तार की गई डॉ. शाहीन जैश ए मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के महिला विंग से जुड़ी हुई थी। इन खुलासों से स्पष्ट है कि भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए एक उच्च शिक्षित मॉड्यूल को विदेशी धरती से नियंत्रित किया जा रहा था, और ये हैंडलर्स ही इन्हें तकनीकी और प्रशिक्षण संबंधी सहायता मुहैया करा रहे थे।

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हर्ष श्रीवास्तव वाराणसी के रहने वाले पत्रकार और डिजिटल कंटेंट प्रोफेशनल हैं। वर्तमान में वे लखनऊ स्थित न्यूज़ट्रैक में डेस्क इंचार्ज के पद पर कार्यरत हैं। यहां वे कंटेंट प्लानिंग, एडिटोरियल कोऑर्डिनेशन, न्यूज़रूम संचालन के साथ-साथ रिसर्च आधारित एक्सप्लेनर, न्यूज़ फीचर और विश्लेषणात्मक लेख तैयार करते हैं। उनके पास मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री है। उन्होंने वर्ष 2023 में पत्रकारिता की शुरुआत की और हिन्दुस्तान, टाइम्स इंटरनेट, इंडिया न्यूज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। वाराणसी, दिल्ली और लखनऊ में काम करने के दौरान उन्हें रिपोर्टिंग, कंटेंट राइटिंग और डिजिटल पत्रकारिता का अनुभव प्राप्त हुआ। हर्ष की विशेष रुचि राजनीति, चुनाव, अपराध, सार्वजनिक नीति, सुशासन और समसामयिक विषयों पर शोध-आधारित पत्रकारिता में है। वे गहन रिसर्च, फैक्ट-चेकिंग और सरल भाषा के माध्यम से जटिल विषयों को पाठकों तक सटीक, विश्वसनीय और प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास करते हैं।

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