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दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ा, हथिनीकुंड बैराज के 18 गेट खुले, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
Delhi flood: दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। हथिनीकुंड बैराज के 18 गेट खोलने के बाद, प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट और जानें क्या कदम उठाए गए हैं।
Delhi flood
Delhi flood: उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर काफी बढ़ चुका है। इस बढ़ते जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा के यमुनानगर जिले में स्थित हथिनीकुंड बैराज के सभी 18 गेट खोल दिए गए हैं। यह कदम अधिक पानी को सुरक्षित रूप से बाहर निकालने के लिए उठाया गया है, ताकि बैराज पर ज्यादा दबाव न पड़े। कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार, हथिनीकुंड बैराज से 1,78,996 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जो कुछ ही घंटों में दिल्ली पहुंच जाएगा। इसके कारण दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने की संभावना है, और दिल्ली के कुछ इलाकों में बाढ़ आ सकती है। हरियाणा के सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता विजय गर्ग ने बताया, "हाल ही में हुई बारिश के बाद यमुना नदी में 1.78 लाख क्यूसेक पानी आ गया है, जो इस मौसम का सबसे ज्यादा जलस्तर है।"
यमुना नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर
पिछले कुछ दिनों से दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसके कारण यमुना के किनारे स्थित निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई विभाग के आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली के पुराने रेलवे पुल पर यमुना नदी का जलस्तर रविवार को खतरे के निशान के बहुत करीब था।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है, जिसके बाद प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार, यमुना नदी के जलस्तर पर लगातार नज़र रखी जा रही है और सभी संबंधित एजेंसियों को बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए एहतियाती कदम उठाने का निर्देश दिया गया है, क्योंकि अनुमान है कि जलस्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है।
यमुना किनारे जाने से बचें
पुराना रेलवे पुल नदी के जलस्तर और संभावित बाढ़ के खतरों पर नज़र रखने का महत्वपूर्ण केंद्र है। अगर जलस्तर और बढ़ा तो यह खतरे के निशान को पार कर सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे यमुना नदी के किनारे न जाएं और अपने जानवरों को भी वहां न जाने दें।

