पहले GST को कहा 'गब्बर सिंह टैक्स', अब मांग रहे क्रेडिट, 'FM सीतारमण' ने कांग्रेस की जमकर लगाई क्लास

पहले जीएसटी को 'गब्बर सिंह टैक्स' कहने वाली कांग्रेस अब उसका श्रेय ले रही है, जिस पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने करारा हमला बोला।

Harsh Srivastava
Published on: 5 Sept 2025 6:15 PM IST
पहले GST को कहा गब्बर सिंह टैक्स, अब मांग रहे क्रेडिट, FM सीतारमण ने कांग्रेस की जमकर लगाई क्लास
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Nirmala Sitharaman slams Congress over GST: केंद्र सरकार द्वारा किए गए हालिया जीएसटी सुधारों को लेकर देश की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस सहित विपक्षी दलों ने इन सुधारों का श्रेय लेने की कोशिश की है, जबकि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने उन पर तीखा हमला बोला है। सीतारमण ने कांग्रेस को याद दिलाया कि यही वह पार्टी है जिसने जीएसटी को 'गब्बर सिंह टैक्स' कहा था, और अब वह इसका श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। यह बयान जीएसटी सुधारों के आर्थिक पहलू के साथ-साथ एक राजनीतिक लड़ाई को भी दर्शाता है।

'91% टैक्स' का पलटवार

इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस के दावों पर पलटवार करते हुए कहा, "उन्होंने GST को अपना लिया, यही काफी है मेरे लिए। गब्बर सिंह टैक्स बोलने वाले लोग।" उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें यह बात कभी समझ नहीं आई कि जो पार्टी लोगों से सबसे ज्यादा टैक्स वसूलती थी, वह आज सुधारों का श्रेय कैसे ले सकती है।

सीतारमण ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा, "पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी जी के समय लोगों को अपने 100 रुपए की कमाई पर 91 परसेंट रुपया टैक्स के रूप में देना पड़ता था।" उन्होंने कहा कि ऐसी कांग्रेस पार्टी आज जीएसटी सुधारों का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है। यह बयान कांग्रेस के पुराने 'टैक्स बोझ' वाले इतिहास को उजागर करता है, और मोदी सरकार के 'सरल और कम टैक्स' के नारे को और मजबूत करता है।

क्या हैं नए GST सुधार?

जीएसटी परिषद की बैठक में लिए गए फैसले के अनुसार, अब देश में जीएसटी के तहत 5% और 18% के दो ही टैक्स स्लैब होंगे। इसके साथ ही, लग्जरी और सिन गुड्स पर 40% का एक नया स्लैब जोड़ा गया है। सरकार का दावा है कि इन सुधारों से जीएसटी व्यवस्था सरल होगी और आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि रोजमर्रा की कई वस्तुओं पर अब कम टैक्स लगेगा।

राज्यों को मनाना पड़ा मुश्किल?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी बताया कि इन सुधारों को लागू करना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि उन्हें बार-बार राज्यों को इस बदलाव को मंजूरी देने के लिए विनती करनी पड़ी, तब जाकर यह संभव हो पाया। हालांकि, उन्होंने किसी राज्य का नाम नहीं लिया, लेकिन यह बताता है कि केंद्र और राज्यों के बीच जीएसटी को लेकर अभी भी मतभेद बने हुए हैं। यह पूरा विवाद जीएसटी को लेकर एक नई बहस छेड़ता है। जहां सरकार इसे एक बड़ा सुधार बता रही है, वहीं विपक्ष इसे 'देर से उठाया गया कदम' और 'दबाव में लिया गया फैसला' कह रहा है।

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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