अब किसकी बारी! हाफिज-मसूद की उलटी गिनती शुरू? क्या भारत का अगला टारगेट तय?

Operation All-Out: ये नया भारत है जो अफ़सोस करना ही नहीं करवाना भी जानता है, सरहद पार बैठे आतंकी आकाओं को ये बात अब समझ आने भी लगी है। ऑपरेशन सिन्दूर के बाद अब "ऑपरेशन ऑलआउट" की आहट भी आने लगी है।

Harsh Srivastava
Published on: 30 May 2025 10:57 AM IST
Operation All-Out
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Operation All-Out (Image Credit-Social Media)

Operation All-Out : एक गहरी रात जब दुनिया नींद में डूबी थी भारत की सीमाओं के पार एक धमाका हुआ। न कोई एलान, न कोई चेतावनी। सिर्फ एक सटीक वार… और फिर सन्नाटा। यही था ऑपरेशन सिंदूर। एक ऐसा अघोषित पराक्रम, जिसने भारत के दुश्मनों की नींव हिला दी। अब हर कोई जानना चाहता है क्या यही अंत था? नहीं! ये तो सिर्फ शुरुआत थी। भारत ने अब "ऑपरेशन ऑलआउट" की आहट दे दी है, और इसका मतलब साफ है अब उलटी गिनती शुरू हो चुकी है।हाफिज सईद और मसूद अजहर ये वो नाम हैं जो दशकों से भारत के जख्मों को कुरेदते रहे हैं। लेकिन आज, वही नाम अपने बंकरों में दुबके हुए हैं, क्योंकि उन्हें पता है अगला नंबर उनका हो सकता है। पाकिस्तान में बैठे तमाम आतंकी सरगनाओं के लिए ये अब डर का सबसे बड़ा दौर है।

ऑपरेशन सिंदूर की गूंज से थर्राया पाकिस्तान


7 मई की रात हुई कार्रवाई सिर्फ एक जवाबी हमला नहीं था, यह एक कड़ा संदेश था – अब भारत सिर्फ सहन नहीं करेगा, बल्कि खोजखोज कर जवाब देगा। पाकिस्तान में आतंकी ठिकानों पर की गई इस स्ट्राइक ने न सिर्फ आतंकियों को दहशत में डाला बल्कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों और सेना को भी सकते में डाल दिया। हाफिज सईद का टेरर सेंटर, मसूद अजहर का मदरसा – दोनों निशाने पर थे। और इन हमलों ने साबित कर दिया कि भारत अब सिर्फ डिप्लोमैटिक नोट्स से नहीं, मिसाइल और बमों से जवाब देगा। पाकिस्तान में हर कोई पूछ रहा है – "अब कौन मरेगा?"

ऑपरेशन ऑलआउट: अब कोई माफी नहीं


भारत की ओर से शुरू किया गया ऑपरेशन ऑलआउट, आतंक के खिलाफ अब तक की सबसे साहसिक रणनीति मानी जा रही है। इसका मकसद सिर्फ LOC के इस पार या उस पार के आतंकी नहीं हैं, बल्कि वे चेहरे हैं जो दशकों से पाकिस्तान की धरती पर बैठकर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़े हुए हैं। हाफिज सईद, मसूद अजहर, जकीउर रहमान लखवी, अज़हर मक्की... ये सभी अब भारत की हिट लिस्ट में हैं। और खास बात यह है कि इस ऑपरेशन का कोई तय समय, कोई तय पैटर्न नहीं है – बस एक तय नतीजा है: आतंक का खात्मा।

तल्हा सईद की सफाई: डर की ज़ुबान


ऑपरेशन सिंदूर के बाद, पाकिस्तान में एक वीडियो वायरल हुआ – जिसमें हाफिज सईद का बेटा तल्हा सईद कैमरे के सामने सफाई देता नज़र आया। वह बारबार कह रहा था कि उसके पिता बेगुनाह हैं, उन्हें भारत से खतरा है, और वो निर्दोष हैं। लेकिन उसकी आंखों में झलकती बेचैनी और कांपती आवाज़ बयां कर रही थी कि अब डर केवल अंदर तक नहीं, बाहर तक भी आ चुका है। यह पहली बार था जब एक आतंकी परिवार कैमरे के सामने अपनी जान की भीख मांगता दिखा।

अब बचना नामुमकिन, क्योंकि टारगेट तय हैं

पाकिस्तान में अब एक अजीब खामोशी है। न कोई आधिकारिक बयान, न कोई प्रतिक्रिया। बस खुफिया बैठकों की झड़ी और सीमाओं पर बढ़ती घबराहट। ISI और पाक सेना को समझ में नहीं आ रहा कि भारत की अगली चाल क्या होगी। लेकिन उन्हें इतना ज़रूर पता है – अब भारत अपने दुश्मनों को सिर्फ सीमाओं के भीतर नहीं छोड़ेगा। हाफिज सईद और मसूद अजहर, दोनों अब या तो मौत की तैयारी कर रहे हैं, या किसी सुरक्षित ठिकाने की तलाश में हैं। लेकिन सवाल यह नहीं कि वे कहां छिपे हैं, सवाल ये है – भारत को अब उनकी ज़रूरत नहीं है उन्हें पकड़ने की, अब तो केवल उन्हें खत्म करने की ज़रूरत है।

मोदी सरकार का नया संदेश – अब डर पाकिस्तान को होना चाहिए

भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा नीति अब पूरी तरह से आक्रामक मोड में आ चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके सुरक्षा सलाहकारों ने साफ कर दिया है कि अब "फर्स्ट स्ट्राइक" की नीति अपनाई जाएगी – जो भी भारत के खिलाफ साजिश रचेगा, उसे पहले ही खत्म कर दिया जाएगा। यही वजह है कि पाकिस्तान अब अपनी रणनीति बदलने को मजबूर हो गया है। लेकिन बहुत देर हो चुकी है। पाकिस्तान की सरकार और सेना अब आतंकियों को ढाल नहीं बना सकती, क्योंकि भारत ने उस ढाल को तोड़ने की कसम खा ली है।

क्या मसूद अजहर अगला बगदादी बनने जा रहा है?


इस वक्त मसूद अजहर कहीं गहरे बंकर में छिपा है। लेकिन इतिहास बताता है बंकर में छिपना अंत नहीं टालता, बस उसे थोड़ा विलंब करता है। जिस तरह अमेरिका ने बगदादी को उसके ठिकाने में जाकर खत्म किया था, अब भारत उसी रास्ते पर है। सवाल यह है क्या मसूद अजहर अगला बगदादी बनेगा? क्या उसका अंत भी उसी तरीके से होगा? अगर भारत की योजना को देखा जाए, तो यह आशंका अब यकीन बनती जा रही है।

पाकिस्तान में आतंकी बनाम अवाम – भीतरी युद्ध की शुरुआत?

पाकिस्तान की आम जनता अब थक चुकी है। उन्हें अब समझ आ चुका है कि इन आतंकियों ने सिर्फ भारत ही नहीं, उनके देश को भी बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया है। सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी युवा खुलकर कह रहे हैं – "हाफिज और मसूद से छुटकारा चाहिए, वरना पाकिस्तान कभी चैन से नहीं जी पाएगा।" ये वो आंतरिक उबाल है जो कभी भी सरकार के खिलाफ फट सकता है। और यही भारत की बड़ी जीत है – दुश्मन को सिर्फ बाहर से नहीं, अंदर से तोड़ना।

अंत की शुरुआत – अगला कदम अब भारत के हाथ में

ऑपरेशन ऑलआउट का मतलब है – कोई चेतावनी नहीं, कोई समय नहीं, सिर्फ एक वार। भारत अब अपने दुश्मनों को सजा देने के लिए किसी सीमा या राजनयिक अनुमति का इंतजार नहीं कर रहा। और यही डर पाकिस्तान की रगरग में दौड़ रहा है। क्योंकि अगला टारगेट कौन है, ये सिर्फ भारत जानता है। लेकिन एक बात तय है – अब कोई नहीं बचेगा। हाफिज सईद, मसूद अजहर और उनके जैसे तमाम आतंकी जो दशकों से भारत के खिलाफ जहर उगलते रहे हैं, अब खुद जहर के साए में जी रहे हैं। उनके लिए अब समय कम है, और हर बीतती रात उनकी बेचैनी बढ़ा रही है। क्योंकि भारत ने ऐलान नहीं किया, बल्कि हमला किया। और अगला हमला कब होगा, कहां होगा, किस पर होगा – ये जानना अब पाकिस्तान की सबसे बड़ी चिंता बन चुका है।

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Harsh Srivastava

Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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