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Elon Musk को टक्कर देगा भारत! दिल्ली में जुटे 40 देशों के अंतरिक्ष दिग्गज; इंडिया स्पेस कांग्रेस में होगा बड़ा ऐलान
India Space Congress 2025: यह तीन दिवसीय सम्मेलन भारत के बेहद तेजी से बढ़ते निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की संभावनाओं, निवेश के मौकों और वैश्विक साझेदारी के मार्ग में उठाए जा रहे कदमों पर फोकस है।
India Space Congress 2025
India Space Congress 2025: दिल्ली में आज 25 जून यानी बुधवार से इंडिया स्पेस कांग्रेस (ISC) 2025 का भव्य आगाज हुआ, जहां देश और दुनिया के नीति निर्माता, राजनयिक, उद्योग जगत के दिग्गज और निवेशक एक मंच पर एकत्रित हुए। यह तीन दिवसीय सम्मेलन भारत के बेहद तेजी से बढ़ते निजी अंतरिक्ष क्षेत्र की संभावनाओं, निवेश के मौकों और वैश्विक साझेदारी के मार्ग में उठाए जा रहे कदमों पर फोकस है।
40 देशों की हिस्सेदारी
सैटकॉम इंडस्ट्री एसोसिएशन-इंडिया (SIA-India) द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में इटली, नॉर्वे, ऑस्ट्रेलिया और हंगरी समेत करीब 40 देशों के प्रतिनिधि हिंसा ले रहे हैं। आयोजन का सबसे बड़ा उद्देश्य भारत को वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग में अग्रणी बनाने के लिए निवेश और सहायता को बढ़ावा देना है।
विकसित हो रही स्पेस इकोनॉमी
SIA-India के महानिदेशक अनिल प्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि ISC 2025 एक 'मैचमेकिंग हब' के रूप में काम शुरू करेगा, जहां संस्थागत निवेशक, सॉवरेन वेल्थ फंड और निजी इक्विटी फर्में भारत की स्पेस इकोनॉमी में निवेश के लिए मौका तलाशेंगी। उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था के साल 2033 तक लगभग 44 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने की पूरी सम्भावना है।
सम्मेलन का थीम और मुख्य उद्देश्य
इस साल सम्मेलन का थीम है: 'अंतरिक्ष तकनीक में अग्रणी नवाचार: वैश्विक साझेदारी की तरफ भारत की यात्रा'। इस दौरान खास तौर से यूएस-इंडिया गोलमेज सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा, जिसका उद्देश्य नवाचार और सहायता को तेजी से गति देकर वैश्विक दक्षिण में पृथ्वी अवलोकन समाधानों को बढ़ावा देना है।
रक्षा और भू-राजनीतिक चर्चा
SIA-India के अध्यक्ष सुब्बाराव पावुलुरी ने बताया कि सम्मेलन में भारत की रक्षा क्षेत्र में अंतरिक्ष तकनीक की भूमिका, साथ ही भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक रूप से गलियारे (IMEC) में अंतरिक्ष के महत्वपूर्ण योगदान पर भी चर्चा होगी। मौजूदा वैश्विक तनावों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, भारत की रणनीतिक भूमिका पर भी जोर डाला जाएगा।
बता दे, इंडिया स्पेस कांग्रेस 2025 न सिर्फ भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निवेश के लिए एक एक नया मार्ग भी तय करेगा। यह मंच भारत को वैश्विक अंतरिक्ष महाशक्ति के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


