TRENDING TAGS :
दुश्मन के लिए ‘काल’ होंगे ‘भैरव कमांडो’, पलक झपकते कर देंगे काम तमाम, अक्टूबर में होगी तैनाती
Bhairav Battalion: ‘भैरव’ बटालियन में 250 प्रशिक्षित और अत्याधुनिक हथियारों से लैस जवान होंगे।
Bhairav Battalion
Bhairav Battalion: पाकिस्तान और चीन से लगी सीमाओं की सुरक्षा और त्वरित हमला करने की क्षमता को बढ़ाने के लिए भारतीय सेना ‘भैरव कमांडो’ बटालियन का गठन करने जा रही है। इस बटालियन में 250 प्रशिक्षित और अत्याधुनिक हथियारों से लैस जवान शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि 31 अक्टूबर तक भारतीय सेना पहली पांच यूनिट को तैयार लेगी।
भारतीय सेना का लक्ष्य है कि सीमाओं पर दुश्मनों के छक्के छुड़ाने के लिए 23 भैरव बटालियन बनाये जायेंगे। अभी सेना में 415 इन्फेंट्री बटालियन हैं। इन्हीं बटालियन के सैनिकों को लेकर भैरव बटालियन का गठन होगा। इन बटालियन में शामिल होने वाले जवान अत्याधुनिक हथियार, ड्रोन और गैजेट से लैस होंगे। इसके साथ ही यह बटालियन फुर्तीली, त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम और मुश्किल परिस्थितियों में भी काम करने में सक्षम होगी।
सेना में शामिल होगी पांच बटालियन
एक रिपोर्ट के अनुसार 31 अक्टूबर तक भारतीय सेना में पहली पांच भैरव बटालियन शामिल हो जायेगीं। पहली पांच ’भैरव’ बटालियन में तीन उत्तरी कमान के तहत बनायी जा रही हैं। ’भैरव’ बटालियन की एक यूनिट लेह में 14 कोर, श्रीनगर में 15 कोर के साथ ही नगरोटा में 16 कोर के लिए बनायी जायेगीं। वहीं इस बटालियन की चौथी यूनिट पश्चिमी सेक्टर के रेगिस्तान और पांचवीं पूर्वी सेक्टर के पहाड़ी इलाके में तैनात होगीं।
एक ’भैरव’ बटालियन में होंगे 7-8 अफसर
’भैरव’ बटालियन की एक यूनिट में सात से आठ अधिकारी होंगे। यह यूनिट भारतीय सेना की 10 पैरा-स्पेशल फोर्सेज और 5 पैरा (एयरबोर्न) बटालियन के अतिरिक्त होगी। जिनमें 620 जवान शामिल होंगे। जोकि बेहद कठिन प्रशिक्षण के बाद चुने जाते हैं। ’भैरव’ बटालियन के गठन हो जाने के बाद स्पेशल फोर्सेज अन्य जरूरी कार्यों पर ध्यान दे सकेंगे। भैरव बटालियन में शामिल होने वालें जवानें को दो से तीन माह का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद एक माह के लिए उन्हें स्पेशल फोर्सेज यूनिट के साथ संबद्ध किया जाएगा। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने ’रुद्र’ ब्रिगेड, ’शक्तिबाण’ तोपखाने रेजिमेंट और ’भैरव’ बटालियन बनाने का ऐलान किया था।


