Indigo flight slap incident: उड़ती फ्लाइट में थप्पड़…और फिर गायब हो गया मुसाफिर! इंडिगो फ्लाइट का ‘हवा’ में सबसे बड़ा हंगामा

Indigo Flight: इंडिगो की एक फ्लाइट में जब हुसैन अहमद मजूमदार नाम के यात्री को पैनिक अटैक आया और उसी दौरान एक सहयात्री ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। ये घटना सिर्फ एक फ्लाइट तक सीमित नहीं रही। इसके वीडियो ने सोशल मीडिया पर आग लगा दी।

Harsh Srivastava
Published on: 3 Aug 2025 2:54 PM IST
Indigo flight slap incident: उड़ती फ्लाइट में थप्पड़…और फिर गायब हो गया मुसाफिर! इंडिगो फ्लाइट का ‘हवा’ में सबसे बड़ा हंगामा
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Indigo Flight: सोचिए आप 30000 फीट की ऊंचाई पर एक फ्लाइट में बैठे हैं और अचानक कोई यात्री घबरा जाता है, चीखने लगता है और फिर बगल में बैठा शख्स उसे थप्पड़ जड़ देता है। कुछ ऐसा ही हुआ इंडिगो की एक फ्लाइट में जब हुसैन अहमद मजूमदार नाम के यात्री को पैनिक अटैक आया और उसी दौरान एक सहयात्री ने उन्हें थप्पड़ मार दिया। ये घटना सिर्फ एक फ्लाइट तक सीमित नहीं रही। इसके वीडियो ने सोशल मीडिया पर आग लगा दी। लोगों ने सवाल उठाए,क्या किसी बीमार शख्स के साथ ऐसा सलूक करना जायज है? क्या फ्लाइट क्रू स्थिति को नहीं संभाल पाया? और सबसे अहम सवाल,इंडिगो ने उस थप्पड़ मारने वाले पर क्या कार्रवाई की?।

किस्सा क्या था? और क्यों पहुंचा मामला पुलिस तक?

यह फ्लाइट मुंबई से कोलकाता जा रही थी। हुसैन अहमद मजूमदार को उड़ान के दौरान पैनिक अटैक आया जिसके चलते वे बेचैन हो गए चीखने लगे। फ्लाइट अटेंडेंट्स ने उन्हें समझाने की कोशिश की। लेकिन तभी सहयात्री हफीजुल रहमान ने गुस्से में आकर उन्हें जोरदार थप्पड़ मार दिया। यह पल किसी ने कैमरे में कैद कर लिया और फिर वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया। कोलकाता एयरपोर्ट पर फ्लाइट लैंड होते ही इंडिगो ने तुरंत पुलिस को जानकारी दी। बिधाननगर पुलिस ने हफीजुल रहमान को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया और बाद में सशर्त रिहा कर दिया। पुलिस ने कहा “यह मामला संवेदनशील है। जांच पूरी होने तक आरोपी को छोड़ा गया है लेकिन मामला यहीं खत्म नहीं होता।”

अब 30 दिन उड़ने की इजाजत नहीं

इंडिगो एयरलाइंस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए हफीजुल रहमान पर बड़ी कार्रवाई की है। उसे सभी फ्लाइट्स से 30 दिनों के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। एयरलाइंस का कहना है कि यह प्राथमिक कार्रवाई है। अगर जांच में दोष सिद्ध होता है तो उसे नेशनल नो-फ्लाई लिस्ट में भी डाला जा सकता है जिसका मतलब होगा,किसी भी भारतीय एयरलाइंस से वह यात्रा नहीं कर सकेगा। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक अन्य एयरलाइंस भी अपने स्तर पर निर्णय लेंगी कि क्या वे रहमान को अपनी फ्लाइट्स में बैन करेंगी या नहीं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय के नियम साफ कहते हैं,अगर कोई यात्री विमान में अनुशासनहीनता करता है तो उस पर कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ उड़ान प्रतिबंध भी लग सकता है।

फ्लाइट से ट्रेन और फिर मोबाइल ऑफ

इस थप्पड़ कांड के बाद मामला तब और उलझ गया जब हुसैन अहमद मजूमदार कोलकाता से अगली फ्लाइट पकड़ने की बजाय गायब हो गए। उनका मोबाइल स्विच ऑफ था और वे सिलचर एयरपोर्ट पर पहुंचे ही नहीं जहां उनका परिवार उनका इंतजार कर रहा था। काफी खोजबीन के बाद शनिवार शाम उन्हें असम के बरपेटा रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित पाया गया। उन्होंने फ्लाइट छोड़कर ट्रेन से यात्रा करने का फैसला किया था लेकिन घरवालों को इसकी जानकारी नहीं दी। परिवार के लोग डर गए थे कि कहीं कुछ अनहोनी तो नहीं हो गई। मजूमदार ने अब तक ये साफ नहीं किया है कि उन्होंने फोन क्यों बंद रखा और अचानक ट्रेन का रुख क्यों किया।

क्या पैनिक अटैक में थप्पड़ मारना जायज था?

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है। मेडिकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि पैनिक अटैक का इलाज सहानुभूति और शांत वातावरण से होता है न कि हिंसा से। यदि कोई यात्री उड़ान के दौरान मानसिक रूप से असहज महसूस कर रहा है तो उसे संभालने के लिए फ्लाइट क्रू को विशेष ट्रेनिंग दी जाती है। लेकिन हफीजुल रहमान की इस हरकत ने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया है,क्या हम उड़ान में इंसानियत भूल रहे हैं? क्या किसी की बीमारी पर हमें थप्पड़ से जवाब देना चाहिए?।

हवा में थप्पड़ ज़मीन पर बहस

यह घटना अब सिर्फ एक फ्लाइट का मामला नहीं रह गई है। यह भारत की उड़ान संस्कृति सह-यात्रा की संवेदनशीलता और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता की परीक्षा बन गई है। हुसैन अहमद मजूमदार सुरक्षित हैं लेकिन यह घटना हर यात्री को सोचने पर मजबूर कर रही है,क्या अगली बार उड़ान में हम किसी जरूरतमंद के लिए मदद का हाथ बढ़ाएंगे या एक और थप्पड़?।

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Hi! I am Harsh Srivastava, currently working as a Content Writer and News Coordinator at Newstrack. I oversee content planning, coordination, and contribute with in-depth articles and news features, especially focusing on politics and crime. I started my journey in journalism in 2023 and have worked with leading publications such as Hindustan, Times of India, and India News, gaining experience across cities including Varanasi, Delhi and Lucknow. My work revolves around curating timely news, in- depth research, and delivering engaging content to keep readers informed and connected.

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