विस्फोटक मिशन! 'बाहुबली' LVM3 इतिहास रचने को तैयार: क्या 4410 किलो का यह गोला अंतरिक्ष भेद पाएगा?

Bahubali Rocket: ISRO की ‘बाहुबली’ LVM3-M5 रॉकेट लॉन्च के लिए तैयार, CMS-03 संचार उपग्रह को GTO में भेजेगी, भारत का सबसे भारी उपग्रह मिशन।

Harsh Sharma
Published on: 2 Nov 2025 9:28 AM IST
विस्फोटक मिशन! बाहुबली LVM3 इतिहास रचने को तैयार: क्या 4410 किलो का यह गोला अंतरिक्ष भेद पाएगा?
X

Bahubali Rocket: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने भारी क्षमता वाली रॉकेट LVM3-M5, जिसे ‘बाहुबली’ भी कहा जाता है, के प्रक्षेपण के लिए 24 घंटे की उलटी गिनती शुरू कर दी है। इस मिशन में CMS-03 संचार उपग्रह, जिसका वजन लगभग 4,410 किलो है, को जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में स्थापित किया जाएगा। यह भारतीय धरती से प्रक्षेपित होने वाला अब तक का सबसे भारी उपग्रह होगा। इसरो के अनुसार, 43.5 मीटर लंबी यह रॉकेट 2 नवंबर को शाम 5:26 बजे सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा से प्रक्षेपित होगी। रॉकेट को पूरी तरह से तैयार कर उपग्रह के साथ जोड़ा जा चुका है और अंतिम जांच के लिए दूसरे लॉन्च पैड पर ले जाया गया है।

इसरो ने इससे पहले अपना सबसे भारी संचार उपग्रह GSAT-11 दिसंबर 2018 में फ्रेंच गयाना के कौरौ लॉन्च बेस से Ariane-5 VA-246 रॉकेट के माध्यम से प्रक्षेपित किया था। GSAT-11 का वजन 5,854 किलो था और यह अब तक इसरो द्वारा बनाया गया सबसे भारी उपग्रह है।

भारत की सबसे शक्तिशाली रॉकेट

LVM3 (Launch Vehicle Mark-3), जिसे GSLV Mk-III के नाम से भी जाना जाता है, इसरो की सबसे शक्तिशाली तीन-स्तरीय रॉकेट है। इसमें दो ठोस ईंधन वाले बूस्टर (S200), एक द्रव ईंधन वाला मुख्य चरण (L110) और एक क्रायोजेनिक ऊपरी चरण (C25) शामिल हैं। सभी हिस्से पूरी तरह से भारत में विकसित किए गए हैं, इस कॉन्फ़िगरेशन के साथ इसरो अब पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो गया है और 4,000 किलो तक के भारी संचार उपग्रहों को GTO में भेज सकता है। इस रॉकेट से 8,000 किलो तक का उपग्रह लो अर्थ ऑर्बिट (LEO) में भी भेजा जा सकता है। इसरो ने X पर पोस्ट में लिखा, “उलटी गिनती शुरू! अंतिम तैयारियां पूरी हो गई हैं और सभी सिस्टम तैयार हैं, जैसे-जैसे हम प्रक्षेपण के करीब बढ़ रहे हैं।”

पाँचवां परिचालन मिशन

LVM3-M5 रॉकेट का यह पाँचवां परिचालन मिशन है और इसने अब तक 100% सफलता का रिकॉर्ड बनाए रखा है। इस रॉकेट ने पहले चंद्रयान-3 मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च किया था, जिसने भारत को 2023 में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास उतरने वाला पहला देश बना दिया।

CMS-03: भारत की संचार पहुँच का विस्तार

CMS-03 उपग्रह भारतीय भू-भाग और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में मल्टी-बैंड संचार सेवाएं प्रदान करेगा। यह भारत के अंतरिक्ष आधारित संचार नेटवर्क को और मजबूत करेगा। इसरो ने LVM3 का मानव-सक्षम संस्करण भी विकसित किया है, जिसे HRLV कहा जाता है। यह रॉकेट आने वाले गगनयान मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए लॉन्च वाहन के रूप में उपयोग किया जाएगा।

1 / 9
Your Score0/ 9
Harsh Sharma
ABOUT THE AUTHOR

Harsh Sharma

Content Writer Mail ID - harsha4avan@gmail.comharsha4avan@gmail.com

Harsh Sharma is a Content Writer at Newstrack.com.

Next Story