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जस्टिस यशवंत वर्मा पर टिकी सबकी निगाहें, कैश कांड मामले में CJI को सौंपी गई जांच रिपोर्ट
Justice Yashwant Verma: जस्टिस यशवंत वर्मा के कैश कांड मामले पर सदस्यीय जांच समिति ने रिपोर्ट तैयार कर CJI खन्ना को सौंप दी है।
Justice Yashwant Verma: कैश कांड मामले में फंसे जस्टिस यशवंत वर्मा एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, तीन सदस्यीय जांच समिति ने कैश कांड मामले पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) जस्टिस संजीव खन्ना को रिपोर्ट सौंप दी है। अब CJI संजीव खन्ना इस मामले में क्या फैसला लेंगे, इसका सभी को इंतजार है क्योंकि 13 मई, 2025 को वह रिटायर होने वाले हैं।
क्या है पूरा मामला
जस्टिस यशवंत वर्मा के घर पर अधजली नकदी मिलने के मामले में तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने अब इस मामले में अपनी जांच रिपोर्ट CJI को रविवार यानी 4 मई को सौंप दी है। अब CJI खन्ना इस मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं, इस पर सबकी निगाहें टिकी हुई है क्योंकि एक हफ्ते बाद यानी 13 मई को CJI खन्ना रिटायर हो रहे हैं और अगले CJI जस्टिस बीआर गवई होंगे। बता दें कि जांच समिति में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश जस्टिस शील नागू, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश जस्टिस जी एस संधावालिया और कर्नाटक हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अनु शिवरामन शामिल हैं।
क्या है कैश कांड वाला मामला?
14 मार्च को जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास के स्टोर रूम में आग गई थी, जिसके बाद फायर ब्रिगेड को बुलाया। आग बुझाने के बाद फायर ब्रिगेड टीम को घर से भारी मात्रा में नकदी मिली, जो आग की वजह से आधी जल गई थी। इसकी फोटो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। इसकी जानकारी CJI खन्ना को मिली तो उन्होंने कॉलेजियम बैठक बुलाकर जस्टिस वर्मा को इलाहाबाद ट्रांसफर कर दिया। इस मामले में जस्टिस वर्मा ने कहा था कि उनको बदनाम करने की साजिश की जा रही है।
बता दें कि कुछ समय पहले जस्टिस वर्मा ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ भी ली थी, जिसका विरोध भी किया गया था। हालांकि, आंतरिक जांच के जारी रहने तक उन्हें न्यायिक काम नहीं सौंपे जाने के लिए भी कहा गया था।


