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दिल्ली के बाटला हाउस में बड़ी कार्रवाई, अतिक्रमण हटाने बुलडोजर की तैयारी, प्रशासन हुआ अलर्ट!
दिल्ली के बाटला हाउस और गोकलपुरी में अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाने की तैयारी जारी है। मुरादी रोड के 2.8 बीघा अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे। दिल्ली में 2016 से 2022 तक 64,000 से अधिक अवैध निर्माण पाए गए हैं। झुग्गी बस्तियों में करीब 30 लाख लोग रहते हैं। प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।
दिल्ली के बाटला हाउस में आज अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चल सकता है। मुरादी रोड इलाके में बुलडोजर चलाने की तैयारी चल रही है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने कल रात से ही वहां बैरिकेडिंग शुरू कर दी है। DDA ने जिन मकानों और दुकानों पर नोटिस लगाई थी, वे अब खाली हो रही हैं। लोग अपना सामान लेकर दूसरी जगह जा रहे हैं। इससे पहले 16 जून को अशोक विहार के जेलर वाले बाग में सैकड़ों अवैध झुग्गियां हटाई गई थीं।
2.8 बीघा जमीन पर अवैध निर्माण
बटला हाउस के मुरादी रोड इलाके में पुलिस ने अतिक्रमण हटाने की तैयारी की है। वहां नोटिस चिपकाए गए थे। कोर्ट की रोक के बाद कुछ प्रॉपर्टी को छोड़कर बाकी जगहों को तोड़ा जा सकता है। दिल्ली पुलिस सुरक्षा के लिए पूरी तैयारी कर रही है। DDA ने कुल 52 जगहों पर नोटिस दिए थे। इनमें से कई लोग कोर्ट गए थे, जिस वजह से 32 जगहों पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। अब करीब 20 जगहों पर ही कार्रवाई हो सकती है। मुरादी रोड की कुल जमीन 34 बीघा है, जिसमें से 2.8 बीघा पर अवैध निर्माण हुआ है।
गोकलपुरी में बुलडोजर चला
वहीं, गोकलपुरी इलाके के लोनी रोड पर भी झुग्गियों को हटाने का काम जारी है। पुलिस की निगरानी में यहां कम से कम 30 झुग्गियां तोड़ी गईं। पीडब्ल्यूडी के अधिकारी बुलडोजर लेकर पहुंचे और अवैध कब्जा हटाया। इन झुग्गियों में रहने वाले लोगों को पहले ही नोटिस दे दिया गया था।
अवैध निर्माणों की संख्या
2016 से जुलाई 2022 तक, दिल्ली में अलग-अलग विभागों ने कुल 64,321 अवैध निर्माण पकड़े हैं। इनमें से दिल्ली नगर निगम (MCD) ने 53,171, न्यू दिल्ली नगर निगम (NDMC) ने 240 और विशेष टास्क फोर्स ने 10,910 अवैध निर्माणों को नोट किया है।
झुग्गियों की स्थिति
दिल्ली में कुल 675 झुग्गी बस्तियाँ हैं, जिनमें करीब 30 लाख लोग रहते हैं। इनमें से 270 बस्तियों का सर्वे किया गया है, जिसमें लगभग 1.25 लाख घर शामिल हैं। दिल्ली नगर निगम ने 2015 से 2025 के बीच 76,465 अवैध निर्माणों की पहचान की है। इनमें से 35,842 मामलों में कार्रवाई भी हुई है। लेकिन 66% जगहों पर जो सील किए गए थे, उनकी सील तोड़ी गई, जिससे कार्रवाई की सफलता पर सवाल उठते हैं।

