एक देश, एक चुनाव’ पर JPC की हुई अहम बैठक, पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने चुनाव आयोग को अनियंत्रित शक्तियाँ देने पर जताई आपत्ति

One Nation, One Election: ‘एक देश, एक चुनाव’ पर संसद की संयुक्त समिति की बैठक में पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ ने चुनाव आयोग को अनियंत्रित शक्तियाँ देने पर आपत्ति जताई। उन्होंने निगरानी तंत्र की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि चुनाव आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।

Shivam
Published on: 11 July 2025 8:32 PM IST (Updated on: 11 July 2025 9:33 PM IST)
एक देश, एक चुनाव’ पर JPC की हुई अहम बैठक, पूर्व CJI चंद्रचूड़ ने चुनाव आयोग को अनियंत्रित शक्तियाँ देने पर जताई आपत्ति
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One Nation, One Election: 11 जुलाई को संसद भवन में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2024 को लेकर संसद की संयुक्त समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस जेएस खेहर ने भाग लिया और अपनी राय रखी।

दोनों पूर्व मुख्य न्यायाधीशों ने समिति को सुझाव दिया कि भारतीय चुनाव आयोग को ‘एक देश, एक चुनाव’ प्रणाली लागू करने के लिए पूरी तरह से असीमित अधिकार न दिए जाएं। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग पर लोकतांत्रिक संतुलन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी निगरानी तंत्र होना जरूरी है।

पूर्व CJI रंजन गोगोई ने भी उठाये सवाल

इससे पहले, पूर्व CJI रंजन गोगोई भी समिति के समक्ष चुनाव आयोग को दी गई व्यापक शक्तियों पर सवाल उठा चुके हैं। हालांकि उन्होंने एक साथ चुनावों की वैधता पर सीधा विरोध नहीं जताया था। लेकिन प्रस्तावित संशोधन विधेयक के कुछ पहलुओं पर संशोधन की आवश्यकता पर जोर जरूर दिया था।

निर्वाचित सरकार का कार्यकाल घटाना अनुचित

पूर्व न्यायाधीशों में से एक ने कहा कि निर्वाचित सरकार का पांच साल का कार्यकाल लोकतांत्रिक स्थायित्व और सुशासन के लिए जरूरी है। इसे किसी भी परिस्थिति में छोटा नहीं किया जाना चाहिए। JPC की अध्यक्षता बीजेपी सांसद पीपी चौधरी कर रहे हैं। समिति देशभर में लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों को एक साथ कराने संबंधी प्रस्ताव पर कानूनी विशेषज्ञों और संविधानविदों से सलाह-मशविरा कर रही है।

जरूरत पड़ी तो संशोधन होगा: पीपी चौधरी

पूर्व न्यायाधीशों की सिफारिशों पर प्रतिक्रिया देते हुए पीपी चौधरी ने कहा, अगर समिति को लगेगा कि विधेयक में सुधार की आवश्यकता है तो निश्चित रूप से उसमें संशोधन किया जाएगा। हम केवल राष्ट्रीय हित में उचित बदलावों के साथ अपनी रिपोर्ट संसद को सौंपेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि ‘एक देश, एक चुनाव’ की अवधारणा राष्ट्र निर्माण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इस प्रणाली की संवैधानिक वैधता लंबे समय तक कायम रहनी चाहिए ताकि यह व्यवस्था सैकड़ों वर्षों तक स्थिर रह सके।

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Shivam is a multimedia journalist.

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