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RIMS छात्रा की हालत गंभीर, चाय में जहर मिलाने का शक – कैंटीन संचालक गिरफ्तार!
RIMS रांची में एक मेडिकल छात्रा की हालत गंभीर है, शक जताया जा रहा है कि कॉलेज की कैंटीन की चाय में जहर मिलाया गया था। छात्रा को वेंटिलेटर पर रखा गया है और मामले की जांच जारी है। कैंटीन संचालक को गिरफ्तार किया गया है।
RIMS Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (RIMS) की एक 25 साल की छात्रा की हालत गंभीर है। आरोप है कि कॉलेज की कैंटीन की चाय पीने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया। इसमें शक जताया जा रहा है कि चाय में जहर मिलाया गया हो सकता है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने मामले की जांच कराने का वादा किया है। उन्होंने बताया कि कैंटीन के संचालक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है और कैंटीन को सील कर दिया गया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने इस मामले को लेकर RIMS के निदेशक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया है कि निदेशक को तुरंत बर्खास्त किया जाए, क्योंकि उन्होंने अस्पताल को राजनीति का केंद्र बना दिया है। इरफान अंसारी ने कहा कि वे खुद इस मामले की जांच कर रहे हैं और किसी भी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा। अगर किसी नियम या प्रक्रिया का उल्लंघन हुआ है, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
RIMS रांची में क्या हुआ?
पीड़िता RIMS के ऑब्सटेट्रिक्स और गायनाकोलॉजी विभाग में पोस्ट ग्रेजुएशन के पहले साल की छात्रा हैं। 21 अगस्त की रात को उन्होंने कैंटीन से चाय मंगाई थी। अधिकारियों के अनुसार, छात्रा ने चाय को फ्लास्क में डाल लिया था ताकि वह बाद में पी सकें। ड्यूटी के बाद जब उन्होंने चाय पी, तो वह तुरंत बेहोश हो गईं। RIMS के जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राजीव रंजन ने इंडिया टुडे ग्रुप को बताया कि चाय पीते वक्त छात्रा ने शिकायत की थी कि उसमें केरोसिन जैसी गंध आ रही है और उसका स्वाद भी खराब था।
एक छात्रा रात्रिकालीन ड्यूटी पर थी और अपनी सहेलियों के साथ थी। उसने सबसे पहले कैंटीन से चाय पी, लेकिन एक-दो घूंट के बाद ही उसने चाय का स्वाद खराब और उसमें दुर्गंध होने की शिकायत की। इसके कुछ ही समय बाद उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी, जिससे उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पीड़िता के साथ अन्य छात्र भी थे, लेकिन उन्होंने चाय नहीं पी क्योंकि छात्रा की शिकायत के बाद सब सतर्क हो गए थे।
जहर दिए जाने का शक
डॉ. रंजन ने बताया कि चाय का फ्लास्क और अन्य सामग्री टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट के लिए भेजी गई है। उन्होंने कहा कि छात्रा अभी क्रिटिकल केयर यूनिट में वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। डॉक्टरों ने पहले पहल जहर दिए जाने का शक जताया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि उन्होंने चाय देने वाले कैंटीन कर्मचारी को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। जैसे ही मामला साफ होगा, तब कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


