TRENDING TAGS :
नोएडा प्राधिकरण का सख्त एक्शन: 35 बिल्डरों को नोटिस, 21,000 फ्लैट्स की रजिस्ट्री अटकी, जल्द मिलेगा खरीदारों को मालिकाना हक!
Noida Flat Registry News :नोएडा प्राधिकरण ने 35 बिल्डरों को नोटिस जारी कर 21,034 फ्लैट्स की रजिस्ट्री प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठाया है। जल्द मिलेगा फ्लैट खरीदारों को उनका मालिकाना हक। जानें पूरी अपडेट।
Social Media Image
Noida Flat Registry News : नोएडा प्राधिकरण ने बिल्डरों से बकाया वसूलने के लिए फिर से कड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। जिन बिल्डरों ने अमिताभ कांत की रिपोर्ट के आधार पर सिफारिश का फायदा उठाया था, उन्होंने पहली किस्त जमा की थी, लेकिन दूसरी किस्त के रूप में 25 प्रतिशत राशि का भुगतान अब तक नहीं किया है। इस वजह से 21,034 फ्लैटों की रजिस्ट्री अटकी हुई है। बिल्डरों द्वारा दूसरी किस्त का भुगतान करने के बाद ही प्राधिकरण फ्लैट खरीदारों की रजिस्ट्री कर सकेगा।
मई में बिल्डरों को दूसरी किस्त जमा करनी थी, लेकिन अब तक किसी भी बिल्डर ने बकाया राशि जमा नहीं की है। बकाया न देने वाले बिल्डरों को प्राधिकरण नोटिस जारी करेगा और सख्त कार्रवाई करेगा। नोटिस का उद्देश्य बिल्डरों को समय पर बकाया राशि जमा करने के लिए प्रेरित करना है, ताकि प्राधिकरण उन्हें फ्लैट की रजिस्ट्री करने की अनुमति दे सके। इससे 21,034 फ्लैट खरीदारों को जल्दी ही उनका मालिकाना हक मिल सकेगा।
बिल्डरों और खरीदारों के बीच विवाद
57 बिल्डर डिफाल्टर की श्रेणी में हैं, क्योंकि इन्होंने बकाया राशि जमा नहीं की है। इन बिल्डरों की परियोजनाओं पर कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया गया, जिससे उनके द्वारा बनाए गए करीब 40 हजार फ्लैट रजिस्ट्री के बिना बेचे जा रहे हैं। इससे बिल्डरों और खरीदारों के बीच विवाद पैदा हो गया है। इस विवाद को हल करने के लिए सरकार ने एक नया रास्ता निकाला है और 21 दिसंबर 2023 को अमिताभ कांत की सिफारिशों के आधार पर शासनादेश जारी किया। इसके तहत बिल्डरों की बकाए की नई गणना की गई और चार किस्तों में 25-25 प्रतिशत राशि जमा करने का रास्ता खोला गया। इनमें से 35 बिल्डरों ने पहली किस्त जमा की, जिससे 5,536 फ्लैट की रजिस्ट्री हो सकी, लेकिन अब तक सिर्फ 3,379 फ्लैट की रजिस्ट्री हो पाई है। अब जब तीन महीने से ज्यादा समय हो गया और दूसरी किस्त जमा नहीं हुई, तो प्राधिकरण ने फिर से बिल्डरों को नोटिस जारी करना शुरू कर दिया है।
शासनादेश के बाद 57 डिफाल्टर, 35 ने जमा की 25% राशि
शासनादेश के बाद बिल्डरों और खरीदारों की स्थिति में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। कुल 57 बिल्डर डिफाल्टर की श्रेणी में हैं, जिन्होंने प्राधिकरण को बकाया राशि जमा नहीं की। इनमें से 35 बिल्डरों ने 25 प्रतिशत राशि प्राधिकरण के खाते में जमा कर दी है, जबकि 12 बिल्डरों ने आंशिक राशि जमा की है। इसके बावजूद, 4 बिल्डरों ने पूरी राशि जमा नहीं की और 6 बिल्डरों ने बकाया जमा करने के लिए सहमति भी नहीं दी है। इस स्थिति में प्राधिकरण ने इन बिल्डरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो सके और खरीदारों को उनका मालिकाना हक मिल सके।
अब तक की स्थिति के अनुसार, 57 परियोजनाओं में कुल 21,034 फ्लैट अपंजीकृत हैं, जिनकी रजिस्ट्री की प्रक्रिया अटकी हुई है। शासनादेश के बाद, 25 प्रतिशत राशि जमा करने के बाद 5,536 फ्लैटों की रजिस्ट्री की अनुमति दी गई थी। हालांकि, अब तक कुल 3,379 फ्लैटों की रजिस्ट्री कराई जा चुकी है। पहली किस्त के रूप में बिल्डरों ने कुल 530 करोड़ रुपये जमा किए थे, जबकि आंशिक रूप से 25.38 करोड़ रुपये की राशि भी जमा की गई है। अब तक, कुल मिलाकर बिल्डरों ने 720 करोड़ रुपये की राशि प्राधिकरण के खाते में जमा कराई है। इस राशि के आधार पर प्राधिकरण रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है और बाकी फ्लैट्स की रजिस्ट्री कराने का प्रयास जारी है।

