a terrorist cell

सिर्फ 13 साल की उम्र में 3 अगस्त 2014 को आतंकी संगठन आईएस मुझे अपनी कैद में ले गए थे। आतंकियों द्वारा बंधक बना लेने के बाद मेरी जिंदगी ऐसी हो गई, बिल्कुल नरक से बढ़कर। मेरे साथ करीब 1 साल तक बहुत अमानवीय व्यवहार हुआ।

आतंक फैलाने में असफल हो रहे आतंकी कश्मीर घाटी में अब डर पैदा करने के लिए गैर-प्रांतीय लोगों को निशाना बना रहे हैं। इसमें सेब कारोबारी, ट्रक के चलाने वाले यहां तक काम करने वाले मजदूर भी शामिल हैं।

पाकिस्तान सरकार आतंकवादियों को लेकर चाहे जितने भी झूठे दावे क्यों न कर ले, पर उसके यह सब दावे उसी वक्त झूठे साबित हो जाते है जब तालिबानी आतंकवादी महिलाओं और बच्चों कोे सरेआम धमकी देते हैं। तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान का प्रमुख ठिकाना बना हुआ है।

गुलाम नबी फई कश्मीर में भारत-विरोधी गतिविधियों में लिप्त था और अपना नापाक अभियान चलाने के लिए आईएसआई से गुप्त रूप से लाखों डॉलर लेने के लिए जेल जा चुका है। इसके बाद अमेरिकी कानून तोड़ने के आरोप में गुलाम नबी फई को दो साल की सजा हुई थी।

अंतर्राष्ट्रीय दबाव से बचने के लिए आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जैम) ने अपना नाम बदल लिया है। पाकिस्तान पर आतंक को खत्म करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है।

जम्मू-कश्मीर से अऩुच्छेद 370 हटने के बाद से करीब रोज ही एक नई खबर मिलती है। इसी के चलते जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ में आतंकियों ने पीपुल्स डमोक्रेटिक पार्टी ( पीडीपी) के नेता नसीर के पीएसओ से उनकी राइफल छीन ली।

जम्मू-कश्मीर में केंद्र सरकार के द्वारा अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से अब वहां की स्थिति कुछ सामान्य होती नजर आ रही है। बता दें कि राज्य के डीजीपी दिलबाग सिंह ने बुधवार को कहा कि आतंकी संगठनों में स्थानीय युवाओं के नई भर्ती होने की कोई रिपोर्ट नहीं है।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद से वहां की स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है। कश्मीर में संचार संबंधी सारी सुविधाएं अभी भी बंद चल रही हैं। पाकिस्तान की गतिविधियों के चलते प्रशासन ने कश्मीर के लिए ये कदम उठाया है।

मशहूर आतंकवादी जैश ए मोहम्मद सरगना मसूद अजहर के भाई इब्राहिम अजहर को पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में देखा गया है। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक, इब्राहिम अजहर के साथ 15 प्रशिक्षित आतंकी भी हैं।

बहरीन के उच्च आपराधिक न्यायालय ने आतंकवाद के आरोपों में 10 अभियुक्तों को उम्र कैद की सजा सुनाई है और उनकी बहरीन की नागरिकता रद्द कर दी है।