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दादरा व नगर हवेली में मौजूदा सरकार ने मतदाता प्राथमिकताओं जैसे कृषि, रोजगार, सड़क अवसंरचना और कानून व्यवस्था सहित लगभग सभी शासन मापदंडों पर कैसा प्रदर्शन किया है। यहां हम आपको एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट के माध्यम से बताने जा रहे हैं।

एडीआर के इस सर्वेक्षण में 534 लोकसभा निर्वाचन-क्षेत्रों को सम्मिलित किया गया, जिसमें विभिन्न जनसांख्यिकी के 2,73,479 मतदाताओं ने भाग लिया। इस सर्वेक्षण के तीन मुख्य उद्देश्य थे, शासन के विशिष्ट मुद्दों पर मतदाताओं की प्राथमिकताएं, उन मुद्दों पर सरकार के प्रदर्शन की मतदाताओं द्वारा रेटिंग और मतदान के व्यवहार को प्रभावित करने वाले कारक।

लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश के उम्मीदवारों में मथुरा से भाजपा की उम्मीदवार हेमा मालिनी सबसे अमीर हैं। इसी तरह से इस चरण में सबसे गरीब उम्मीदवार अम्बेडकरी हसनुराम हैं, जो आगरा से निर्दल उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में है।

तमिलनाडु में मौजूदा सरकार ने मतदाता प्राथमिकताओं के आधार पर कृषि, रोजगार, सड़क अवसंरचना और कानून व्यवस्था सहित लगभग सभी शासन मापदंडों पर कैसा प्रदर्शन किया है। ये एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट में दर्शाया गया है )।

इसके अलावा, सरकार शहरी मणिपुर में घरेलू उपयोग (1.71) के लिए बेहतर कानून व्यवस्था/पुलिस (1.62) और बिजली उपलब्ध कराने में खराब प्रदर्शन किया गया है।

बेहतर रोजगार के अवसर के शहरी मतदाताओं की प्राथमिकताओं पर सरकार के प्रदर्शन (2.35 5 के पैमाने पर), यातायात संकुलन (2.27), और बेहतर अस्पतालों / प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (2.31) औसत से नीचे के रूप में दर्जा दिया गया था।

उत्तर प्रदेश इलेक्शन वाॅच और एसोसिएशन फाॅर डेमोक्रेटिक रिर्मोेम्स ने उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 96 उम्मीदवारों के शपथपत्रों का विश्लेषण किया, जो प्रथम चरण के सहानपुर, कैराना, मुजफ्रफरनगर, बिजनौर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे है।

लोकसभा चुनाव 2019 के पहले एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने चुनाव में मतदाताओं की प्राथमिकताएं जानने के लिए अब तक का सबसे बड़ा मतदाता सर्वेक्षण कराया। यह सर्वेक्षण, अक्टूबर 2018 और दिसंबर 2018 के बीच किया गया।

वेस्ट बंगाल इलेक्शन वॉच (डब्ल्यूबीईडब्ल्यू) और एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने ‘शासन के मुद्दों और मतदान व्यवहार 2015’ पर संयुक्त रूप से सर्वेक्षण कराया है। इस सर्वेक्षण में राज्य की सभी 42 लोकसभा सीटों को कवर किया गया है और करीब 21000 मतदाताओं से बात की गई है।

त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने मतदाता प्राथमिकताओं की उपेक्षा की है और कृषि, रोजगार, सड़क अवसंरचना और कानून व्यवस्था सहित लगभग सभी शासन मापदंडों पर "खराब और कमतर" प्रदर्शन किया है, एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट में कहा गया है )।