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लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ अपने ही सपनो में खोए रहते है। उन्होंने कहा कि पता नहीं मुख्यमंत्री किस लोक में रहते हैं कि उन्हें प्रदेश की बदहाली नहीं दिखती । प्रदेश की राजधानी में एक हफ्ते में आठ हत्याएं हो गईं, पुलिसिंग के सभी दावे हवाई साबित हो रहे हैं। हत्यारे इतने बेखौफ हैं कि पुलिस थाना व चौकी के आसपास भी फायरिंग कर फरार हो जाते हैं।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के इनकम टैक्स भरने के मामले में 4 दशक पुरानी व्यवस्था को खत्म कर दिया है। सीएम योगी ने आदेश दिया है कि भविष्य में किसी भी कैबिनेट मंत्री या मुख्यमंत्री का इनकम टैक्स सरकारी खजाने से नहीं भरा जाएगा। मुख्यमंत्री या मंत्री अब खुद अपना आयकर रिटर्न भरेंगे।

पूर्व मंत्री के बेहद करीबी पूर्व क्षेत्राधिकारी आले हसन खां पर मुकदमा आयद किया गया है। आले हसन खां को गिरफ्रतार करने पहुंची पुलिस ने उनके बेटे को हिरासत में ले लिया। वहीं पूर्व सीओ आले हसन खां की पत्नी ने पुलिसिया कार्यवाही को नाइंसाफी बताते कहा कि उन्हें ईमानदारी से ड्यूटी निभाने का यह सिला मिल रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव बाद गठबंधन की संभावना की ओर संकेत देते हुए शुक्रवार को उम्मीद जताई कि मायावती और अखिलेश यादव भाजपा के साथ नहीं जाएंगे।

बाराबंकी लोकसभा चुनाव के पांचवे चरण के लिए बाराबंकी, फैजाबाद एवं बहराइच के गठबंधन के प्रत्याशियों के पक्ष में बाराबंकी में आयोजित संयुक्त रैली को बसपा की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती, सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव तथा रालोद राष्ट्रीय अध्यक्ष अजीत सिंह संबोधित करेंगे।

मायावती ने यहां एक चुनावी जनसभा में कहा, 'इस बार चुनाव में आप लोग ‘नमो नमो’ करने वालों की छुट्टी करने वाले हैं और ‘जय भीम’ कहने वालों को लाने वाले हैं।’’ उन्होंने कहा कि आजादी के बाद शुरूआत में केन्द्र और देश के अधिकांश राज्यों में सत्ता ज्यादातर कांग्रेस के हाथ में केन्द्रित रही है लेकिन ध्यान देने की बात यह है कि कांग्रेस की लंबे अरसे तक रही सरकार में गलत नीतियों और कार्य प्रणालियों के चलते उसे सत्ता से बाहर होना पड़ा है।

लोकसभा चुनाव अपने चरम पर हैं तीसरे चरण का मतदान खत्‍म हुआ है अब अगले चरण की तैयारी में सभी राजनीतिक दल लग गए हैं। राजनीतिक दलों की ताबड़तोड़ रैलियां जारी हैं।

राजनीति में स्थायी मित्र व स्थायी शत्रु नहीं होते। इस जुमले को सपा और बसपा ने उत्तर प्रदेश में 26 साल तक भले ही सच साबित कर रखा हो लेकिन ज्यों ही समाजवाद को नई और लंबी उम्र अखिलेश यादव के मार्फत मिली तब फिर यह जुमला अफसाने की जगह हकीकत हो गया।

लखनऊ। लोकसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ प्रदेश में सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। सपा-बसपा गठबंधन और कांग्रेस की दूरियां तो पहले ही बढ़ चुकी थीं मगर अब दोनों के बीच तल्खी और बढ़ गयी है। सपा-बसपा गठबंधन ने पहले अमेठी और रायबरेली की सीट कांग्रेस के लिए छोड़ीं थीं मगर अब …

उन्होंने कहा कि सन् 2019 में होने वाले चुनाव केवल चुनाव ही नहीं है। इसमें निकट भविष्य में देश और जनहित में होने वाले महापरिवर्तन का भी संदेश है। भाजपा इधर-उधर की बात करना छोड़े और यह बताए कि उसके वायदों का क्या हुआ?