allahabad highcourt

सह अभियुक्तों के साथ जिनका विचारण नहीं हुआ, उन्हें बरी सह अभियुक्तों के समान लाभ नहीं मिल सकता। यह आदेश न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह ने राधादेवी व 2 अन्य की याचिका पर दिया है। याचियों का कहना था कि कानपूर देहात के बिल्हापुर थाने में दहेज उत्पीड़न व मारपीट के आरोप में परिवार के 5 लोगों के खिलाफ 15 जून 14 को आशा देवी ने एफआईआर दर्ज करायी।

कोर्ट ने तदर्थ सेवा अवधि को सेवानिवृत्ति परिलाभों की गणना में न जोड़ने के आदेश को रद्द कर दिया है और तदर्थ अवधि को शामिल करते हुए पेंशन आदि का तीन माह में निर्धारण करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने डा. ओम प्रकाश गुप्ता व अन्य की याचिका पर दिया है।

अधिवक्ता मुजीब अहमद सिद्दीकी का कहना है कि याची ने कट आफ मार्क से अधिक अंक प्राप्त किये है। कट आफ मार्क सामान्य श्रेणी 128.62 है और याची ने 131.66 अंक प्राप्त किये है। हर टेस्ट में सफल घोषित किया गया। जब अंतिम परिणाम आया तो याची का नाम सूची में नहीं है।

याची का कहना है कि चान्सलर आजम खां से राजनितिक वैमनस्यता के कारण कार्यवाही की जा रही है। राज्य सरकार के अपर महाधिवक्ता अजीत कुमार सिंह का कहना है कि पुलिस ने चोरी की एफआईआर की विवेचना के तहत मजिस्ट्रेट के साथ छापा डाला और चोरी का सामान भी बरामद किया है। सारी कार्यवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत की गयी है।

पंचाट कार्यवाही में याची भी शामिल हुआ। याची ने अधिगृहीत जमीन मूल स्वामी से बैनामा ले लिया था। जब 16 मई17 को अवार्ड जारी हुआ तो उसमें याची का भी नाम शामिल था। किंतु उसे मूल स्वामी न होने के नाते मुआवजे का भुगतान नही किया गया।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वाराणसी के सांसद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नोटिस जारी की है और 21 अगस्त तक जवाब मांगा है। कोर्ट ने एक निजी न्यूज चैनल सहित अन्य विपक्षियों को पक्षकार से हटाने की याची की मांग स्वीकार कर ली है और याची अधिवक्ता को इस आशय की अर्जी दाखिल करने का समय दिया है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट की पूर्णपीठ ने सरकारी नौकरियों में 20 फीसदी महिला को क्षैतिज आरक्षण देने पर महत्वपूर्ण फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा कि सामान्य व आरक्षित वर्ग की सीटों पर यदि मेरिट में महिला सफल घोषित होती है, तो उन्हें अपने श्रेणी के 20 फीसदी कोटे में गिना जायेगा।

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इलाहाबाद के चर्चित जवाहर पंडित हत्याकांड में भाजपा नेता करवरिया बंधुओं से केस वापस लेने की सरकार की याचिका खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने पार्टी नेताओं के खिलाफ मुकदमे वापस लेने के फैसले को गलत करार देते हुए राज्य सरकार के क्रिमिनल रिवीजन को खारिज किया है।

याची के अधिवक्ता का कहना है कि 41610 पदों के सापेछ 38315 का चयन किया गया। इसमें महिलाओं को गलत तरीके से रिजर्वेशन देने के खिलाफ याचिका दाखिल की गई।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार से पूछा है कि दो साल पहले कानून बनने के बावजूद राज्य जीएसटी अधिकरण का गठन क्यों नहीं किया जा रहा है।