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आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि गुरुवार का दिन है ।दोपहर 3 बजकर 55 मिनट तक स्वाती नक्षत्र चलेगा ।सुबह 8 बजकर 4 मिनट तक सिद्धि योग स्वाती नक्षत्र और सिद्धि योग के संयोग में कुछ विशेष फल की प्राप्ति राशि के अनुसार...

आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि यानी कि 04 जुलाई 2019 को भगवान जगन्नाथपुरी की रथ यात्रा का शुभारंभ होगा। इस रथ यात्रा में भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा भी होते हैं। हर साल इस यात्रा में भाग लेने के लिए देश विदेश से लाखों भक्त भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने के लिए आते हैं।

तिथि – षष्ठी – 23:54:43 तक,नक्षत्र – शतभिषा – 24:07:58 तक,करण – गर – 10:41:43 तक, वणिज – 23:54:43 तक,पक्ष – कृष्ण,योग – प्रीति – 21:49:21 तक,वार – रविवार,सूर्योदय – 05:24:11,सूर्यास्त – 19:22:13

अगर इन दोषों का निवारण न किया जाए तो कई बार साधारण बीमारियां भी गंभीर रूप ले लेती हैं और परिवार के सदस्यों को असहनीय पीड़ा सहन करनी पड़ती है। बिजली के उपकरण जैसे इनवर्टर, ट्रांसफार्मर, फ्रिज आदि ऊष्मा यानी हीट उत्पन्न करते हैं, इसलिए वास्तुशास्त्र में इनके लिए आग्नेय कोण यानी दक्षिण-पूर्व को

तिथि – चतुर्दशी – 16:41:34 तक, नक्षत्र – कृत्तिका – 24:39:14 तक, करण – शकुन – 16:41:34 तक, चतुष्पाद – 28:11:02 तक, पक्ष – कृष्ण, योग – अतिगंड – 11:33:55 तक, वार – रविवार, माह – ज्येष्ठ, सूर्योदय – 05:23:32, सूर्यास्त – 19:14:43।

वास्तुशास्त्र के अनुसार घर के अधिक से अधिक हिस्से में सूर्य की किरणें का पहुंचना आवश्यक होता है। इससे नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है। आमतौर पर सूर्य को ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है और जब घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है तो घर सुख-समृद्धि से भर जाता है।

उच्च गढ़वाल हिमालय में स्थित विश्वप्रसिद्ध सिख तीर्थस्थल हेमकुंड साहिब के कपाट शीतकालीन अवकाश के बाद फिर से श्रद्धालुओं के लिये खोल दिये जायेंगे। गोविंदघाट से 21 किलोमीटर दूर हेमकुंड साहिब गुरूद्वारा समुद्र तल से 15000 फीट की उंचाई पर एक झील के किनारे स्थित है।

हाँ ये सच है कि जेठ की तपती दुपहरी में लोगों का जीना मुहाल हो जाता है लेकिन लखनऊ में ऐसा नहीं है। सचमुच ऐसा नहीं... वजह भी जान लीजिये, इस शहर पर बजरंग बली की कृपा जो है।

आज ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि और रविवार का दिन है । आज देवर्षि नारद जी की जयंती है। विश्व के प्रथम पत्रकार के रूप में पूजे जाने वाले नारद जी को मैं कोटि-कोटि प्रणाम करता हूं।

स्नान-दान-व्रत की पूर्णिमा। बुद्ध पूर्णिमा। निर्वाण दिवस। वैशाख स्नान समाप्त। सूर्य उत्तरायण। सूर्य उत्तर गोल। ग्रीष्म ऋतु। प्रात: 9 बजे से 10.30 बजे तक राहुकालम्। वैशाख पूर्णिमा को सत्य विनायक पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है।