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लखनऊ: बुधवार को आपका अपने जीवनसाथी के साथ तनावपूर्ण संबंध रह सकता है। जहां तक सम्भव हो बात को बढ़ने न दें। संगीत तनाव दूर करने की रामबाण दवा है। बुधवार के दिन अच्छा संगीत सुनना आपके हफ़्ते भर के तनाव को छूमंतर कर सकता है। पं. सागरजी महाराज के अनुसार पढ़ें बुधवार राशिफल। मेष: …

लखनऊ:  मंगलवार को दूसरों की राय को ग़ौर से सुनें। अगर आप मंगलवार को  वाक़ई फ़ायदा चाहते हैं तो। कहते हैं कि स्त्रियां शुक्र और पुरुष मंगल ग्रह के रहने वाले हैं, लेकिन  इस दिन विवाहित शुक्र और मंगल एक-दूसरे में घुल जाएंगे। पं. सागरजी महाराज के अनुसार पढ़ें मंगलवार की राशिफल। मेष: बहुत ज़्यादा …

लखनऊ: वैसे तो आश्विन की शुक्ल पक्ष की दशमी को दशहरा पर्व मनाया जाता है। ये पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत के रुप में मनाते हैं। इस दिन को सर्वस‌िद्ध मुहूर्त के रूप में जाना जाता है, क्योंक‌ि  मां दुर्गा 9 दिन मृत्यु लोक में रहकर अपने लोक ल‌िए प्रस्‍थान करती हैं। भगवान श्री …

लखनऊ:  दुर्गा जी का सातवां स्वरूप कालरात्रि है। इनका रंग काला होने के कारण ही इन्हें कालरात्रि कहते हैं। असुरों के राजा रक्तबीज का वध करने के लिए देवी दुर्गा ने अपने तेज से इन्हें उत्पन्न किया था। इनके शरीर का रंग घने अंधकार की तरह एकदम काला है, सिर के बाल बिखरे हुए हैं …

लखनऊ: नवरात्रि के नौ दिनों तक शक्ति की पूजा की जाती है। इससे प्रकृति में असीम ऊर्जा का प्रवाह होता है। इन दिनों में कोई भी शुभ कार्य करना हो तो किसी पंडित जी से मुहूर्त पूछने की जरूर नहीं पड़ती है। नवरात्रि में लगभग सभी लोग मां भगवती का पूजन करके मनोकामना पूरी होने …

हिमाचल प्रदेश:  औलाद नहीं होने का दर्द उन लोगों से पूछे जो नि:संतान है। एक औलाद को पाने के लिए लोग हर तरह के जतन कर लेते हैं। तब जाकर किसी को औलाद का सुख नसीब होता है तो किसी को नहीं। संतान पाने के लिए लोगों की पहली आस्था का केंद्र भगवान का दर …

लखनऊ: शक्ति की आराधना का पर्व नवरात्रि का भक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है। वैसे तो साल में  चार नवरात्रि पड़ती है। चैत और शारदीय नवरात्रि का महत्व ज्यादा रहता है। मां दुर्गा की इस बार की नवरात्रि बहुत ही ख़ास है ये नवरात्रि 16 साल बाद आई है। इसमें  8  दिन के विशेष …

लखनऊ: पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार को हजारों नियम होते है। लेकिन जो सबसे जरूरी होता है उसमें वो है श्रद्धा। कोई केवल जल से तो कोई मन से ईष्टदेव को खुश करता है। फिर इन चीजों में जरूरी होता मंत्रोच्चारण भी। कोई भी धार्मिक कार्य बिना मंत्रों के पूरा नहीं होता है, चाहे वो धार्मिक अनुष्ठान हो …

लखनऊ:  हिंदू धर्म में सोलह संस्कारों में एक है दाह संस्कार। जो मृत्यु के बाद होता है। मृत्यु के बाद आत्मा की शांति के लिए मनुष्य की अस्थियों को गंगा में विसर्जित किया जाता है,  लेकिन इसके पीछे दो और वजह देखने को मिलती है। पहली वजह धार्मिक है, जबकि दूसरी वजह वैज्ञानिक। धार्मिक कारण …

हिमाचल प्रदेश:  औलाद नहीं होने का दर्द उन लोगों से पूछे जो नि:संतान है। एक औलाद को पाने के लिए लोग हर तरह के जतन कर लेते हैं। तब जाकर किसी को औलाद का सुख नसीब होता है तो किसी को नहीं। संतान पाने के लिए लोगों की पहली आस्था का केंद्र भगवान का दर …