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माह-पौष,तिथि – नवमी,पक्ष – कृष्ण,वार – शुक्रवार,नक्षत्र – हस्त,सूर्योदय – 07:08, सूर्यास्त – 17:28, चौघड़िया चर – 07:13 से 08:30, लाभ – 08:30 से 09:46,अमृत – 09:46 से 11:02,शुभ – 12:19 से 13:35

कल यानि 12 दिसंबर 2019 का दिन हिंदू पंचांग में बहुत महत्व रखता है। इस दिन मार्गशीर्ष पूर्णिमा है। धर्मानुसार पूर्णिमा को विशेष तिथि के रूप में देखा जाता है। हर माह की शुक्ल पक्ष की आखिरी तिथि पूर्णिमा कहलाती है। ज्योतिषानुसार, इस पूर्णिमा की रात को चंद्रमा भी ग्रहों की मजबूत स्थिति में रहता है।

हिंदू मास व पंचांग के अनुसार पौष का महीना दसवां मास होता है। पौष मास की पूर्णिमा को चन्द्रमा पुष्य नक्षत्र में रहता है और इसी कारण इस महीने को पौष का मास कहते हैं। इस महीने में भगवान सूर्यनारायण की विशेष पूजा अर्चना से उत्तम स्वास्थ्य और मान सम्मान की प्राप्ति होती है।दरअसल जिस महीने की पूर्णिमा को चंद्रमा जिस नक्षत्र में होता है उस महीने का नाम उसी नक्षत्र के आधार पर रखा जाता है।

हिंदू धर्म में कार्तिक माह का बड़ा महत्व है। पूरे मास स्नान करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। भगवान विष्णु को ये मास बहुत प्रिय है। इस मास के आखिरी दिन कार्तिक पूर्णिमा का महत्व सारी तिथियों में अधिक है। 12 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा  है।इस दिन गंगा स्नान और दीपदान करना चाहिए।

आर्थिक रुप से समृद्ध व जीवन में शांति की हर कोई कामना करता है। इसके लिए लोग मेडिटेशन भी करते है। धर्म कर्म करते हैं दान-पुण्य करते हैं, लेकिन कभी कभी ये सारी चीजें भी शांति नहीं देती है। उन चीजों के जानते हैं जिनके घर में रहने से सुख-समृद्धि आती हैं...

उगते व डूबते सूर्य को पूरे सात्विक भाव से  अर्ध्य देने का दिन छठ पर्व शुरु हो गया है। आज नहाय खाय के साथ कल खरना है और 2 व 3 नंबर को सूर्य को अर्ध्य देने का दिन हैं। सूर्य की कृपा से घर में धन-धान्य भरा रहता है।

:महापर्व छठ की शुरुआत होने वाली है सूप व फल से बाजारों की रौनक बढ़ गई है। हर तबके के लोग इस पर्व में आस्था रखते  है।लोकआस्था के पर्व छठ की तैयारियां अंतिम चरण में है।

आज धनतेरस है। जो कार्तिक के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। इस दिन भगवान धनवंतरि और कुबेर के साथ मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।इस बार धनतेरस पर ब्रह्म सिद्ध महायोग बन रहा है।जो धन प्राप्ति का मार्ग बनाएगा। इस साल धनतेरस के दिन शुक्र, प्रदोष और धन त्रयोदशी का महायोग है।

धनतेरस एक ऐसा पर्व है जिस दिन धनवंतरि माता लक्ष्मी की पूजा के साथ साथ सामान भी खरीदने को शुभ माना जाता है। इस दिन कई प्रकार की तांत्रिक पूजाएं भी की जाती हैं। प्रत्येक कार्य का शुभ मुहूर्त होता है। प्रत्येक राशि के अनुसार कौन सा सामान खरीदें इसका भी नियम होता है। 25 अक्टूबर दिन शुक्रवार को धनतेरस है। रात्रि 07:08 के बाद ही त्रयोदशी है...

बेटी के बड़ी होते ही उसके विवाह की चिंता माता पिता को सताने लगती है और जब कुंडली की गड़बडी की वजह से  शादी में विलंब होते हैं तो माता-पिता के लिए परेशानियां और बढ़ जाती है।अगर आप भी अपनी बेटी की शादी को लेकर परेशान है