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हनुमानजी की भक्ति सबसे सरल और जल्दी फल प्रदान करने वाली मानी जाती  है। इनकी  भक्ति हमें भूत-प्रेत जैसी न दिखने वाली आपदाओं से बचाती है, वहीं यह ग्रह-नक्षत्रों के बुरे प्रभाव से भी बचाती है। जो व्यक्ति‍ प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ता है उसके साथ कभी भी घटना-दुर्घटना नहीं होती।

-माह-ज्येष्ठ, तिथि-तृतीया, दिन- रविवार, पक्ष-कृष्ण, नक्षत्र-ज्येष्ठा, सूर्योदय-06.58, सूर्यास्त-18.58। जानिए मदर्स डे के दिन 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा।

कुछ लोगों में योग्यता होती है और परिश्रम करने की क्षमता भी होती है इसके बावजूद भी उसे नौकरी से नहीं मिलती है और लगी लगाई नौकरी भी हाथ से चली जाती है और बेरोजगार घूमना पड़ता हैं। ऐसे में व्यक्ति को जरूरत होती हैं अपनी किस्मत को प्रबल करने की। हर कोई आजकल नौकरी की तलाश में परेशान है।

आज बृहस्पतिवार  यानी 7मई को बुद्ध पूर्णिमा या वैशाख पूर्णिमा होती है। जिसे बड़े ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इसी दिन भगवान बुद्ध को बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी।  वैशाख पूर्णिमा को बुद्ध पूर्णिमा भी कहते हैं। इस दिन गौतम बुद्ध की जयंती होती है और उनका निर्वाण दिवस भी। इसी दिन भगवान बुद्ध को बुद्धत्व की प्राप्ति हुई थी।

माह-वैशाख, दिन –मंगलवार, तिथि- त्रयोदशी, पक्ष-शुक्ल, नक्षत्र- हस्त., सूर्योदय-05.58, सूर्यास्त-18.58। जानिए कैसा रहेगा 12 राशियों के लिए दिन…

माह-वैशाख, दिन –सोमवार, तिथि- एकादशी, पक्ष-शुक्ल, नक्षत्र-उ.फा., सूर्योदय-05.58, सूर्यास्त-18.58। जानिए कैसा रहेगा 12 राशियों के लिए दिन...

चाहे धर्म कोई भी हो, उसमें पाप और पुण्य का लेखा-जोखा रहता है। जैसे देव-कार्य और दानव-कार्य होता है, जैसे सुख-दुख का अनुभव होता है, उसी प्रकार पाप और पुण्य भी मन के भाव हैं। मतलब ये कि जो काम खुलेआम किया जाए, वह पुण्य है और जो काम छिपकर किया जाए, वह पाप है।

जन्म और मृत्यु जीवन का सत्य है इससे राजा और रंक कोई भी नहीं बच सकता हैं। ऐसे तो हम में से कोई नहीं जानता है कि मौत कब आएगी, लेकिन शास्त्रों के अनुसार इस जीवन में जो अच्छे-बुरे कर्म हैं उनका फल भोगना पड़ता है।

माह-वैशाख, शुक्ल पक्ष, दिन शुक्रवार, तिथि-प्रतिपदा/ द्वितीया,नक्षत्र-भरणी, सूर्योदय-5.30, सूर्यास्त-18.36। जानिए कैसा रहेगा शुक्रवार का दिन 12 राशियों के लिए...

मनुष्य का व्यवहार समय समय पर बदलता रहता है। कई बार खुद के व्यवहार पर आश्चर्य भी होता है आप किसी के साथ तो बहुत विनम्र तो किसी के साथ न चाहते हुए भी कठोर हो जाते हैं। दरअसल हम अपने आस-पास के लोगों के साथ किस तरह का व्यवहार करते हैं।