central government

ऑल इण्डिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने केंद्र सरकार द्वारा घोषित पावर सेक्टर पैकेज को निजी बिजली उत्पादन घरानों के लिए राहत पॅकेज करार देते हुए मांग की है कि राज्यों की बिजली वितरण और उत्पादन कंपनियों को इस संकट की घड़ी में केंद्र सरकार कर्ज के बजाये अनुदान दे।

लॉकडाउन के दौरान मोदी सरकार की एक खास स्कीम से आप घर बैठे सस्ता सोना खरीद सकते हैं। दरअसल, केंद्र सरकार 11 मई से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड स्कीम (Sovereign Gold Bond Scheme) 2020-21 सीरीज-II जारी करने वाली है।

मजदूरों से किराए के मामले पर समाजवादी पार्टी के चीफ अखिलेश यादव ने भी रविवार को केंद्र सरकार को घेरा था। अखिलेश ने ट्वीट करके कहा था कि ट्रेन से वापस घर ले जाए जा रहे गरीब, बेबस मजदूरों से भाजपा सरकार द्वारा पैसे लिए जाने की खबर बेहद शर्मनाक है।

पश्चिम बंगाल के मुख्य स्वास्थ्य सचिव विवेक कुमार ने शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्रालय को एक पत्र लिखा है। जिसमें उनका कहना है कि राज्य में केवल चार रेड जोन हैं। जबकि 30 अप्रैल को राज्यों के साथ कैबिनेट सचिव की वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रस्तुति में 10 दिखाए गए हैं।

बसपा सुप्रीमों ने मंगलवार को ट्वीट करके कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि जैसा कि विदित है कि केंद्र में कांग्रेस के राज में हुए दिल्ली कामनवेल्थ गेम्स की तैयारी में खासकर विदेशों से मंगाये गये समान में भयंकर भ्रष्टाचार हुआ था।

सरकार के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से सरकार पर पड़े आर्थिक बोझ के कारण ये फैसला लिया गया है। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर ये रोक जून 2021 तक लागू रहेगी।

लॉकडाउन के चलते आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ी हुई हैं। ऐसे में देश के अर्थव्यवस्था पर भी काफी असर पड़ा है। अब जरुरी ये है कि सुस्त पड़ी अर्थव्यवस्था को रफ्तार दिया जाए।

सरकार कंपनियों को राहत देने के लिये कुछ बदलाव कर सकती है। सरकार कार्य के घंटों को बढ़ा सकती है, कर्मचारियों के बोनस को कम कर सकती है।

केंद्र सरकार ने देश की कंपनियों के भले को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कैबिनेट बैठक में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय के एक अहम प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है।

केंद्र सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाने पर रोक लगा दी है। सरकार के इस फैसले का असर तकरीबन 54 लाख सरकारी कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स पर पड़ने वाला है।