chandrayan 2

उत्तर प्रदेश के दो विद्यार्थी चंद्रमा पर चंद्रयान-2 की लैंडिग के ऐतिहासिक क्षण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ देखने के साक्षी बनेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी सितम्बर में इसरो के नियंत्रण-कक्ष, इसरो टेलीमेट्री, ट्रेकिंग एण्ड कमाण्ड नेटवर्क, बंगलुरू में चन्द्रयान-2 को चन्द्रमा की सतह पर उतरते देखेंगे।

भारत ने चंद्रयान 2 मिशन की लॉन्चिंग के साथ ही स्पेस टेक्नॉलजी के क्षेत्र में एक और इतिहास रच दिया है। इससे पहले 11 साल पहले इसरो ने अपने पहले चंद्रयान-1 का सफल परीक्षण किया था। चंद्रयान 2 मिशन के लिए 976 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन(इसरो) ने चंद्रयान 2 की सफल लॉन्चिंग की है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसरो और भारतीयों को बधाई संदेश दिया। साथ ही पीएम मोदी ने चंद्रयान 2 के फायदे भी गिनाए। पीएम मोदी ने ट्वीट के साथ-साथ कुछ तस्वीरें भी शेयर की हैं।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) का महत्वाकांक्षी मिशन चंद्रयान-2 आज दोपहर 2 बजकर 43 मिनट पर लांच हो गया है। बता दें, पहले 15 जुलाई को चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग होनी थी।

चंद्रयान-2 के बाद दूसरा चन्द्र अन्वेषण अभियान है, जिसे इसरो ने विकसित किया है। अभियान को जीएसएलवी संस्करण 3 प्रक्षेपण यान द्वारा प्रक्षेपण करने की योजना है। इस अभियान में भारत में निर्मित एक चंद्र कक्षयान, एक रोवर और एक लैंडर शामिल है।

नई दिल्ली: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण कल यानी 22 जुलाई को दोपहर 2:43 बजे लांच करने वाला है। बता दें कि 15 जुलाई की सुबह इसरो को जीएसएलवी-एमके-3 के क्रायोजेनिक इंजन में हीलियम लीकेज की वजह से चंद्रयान-2 की उड़ान रोकनी पड़ी। सोमवार तड़के 2:51 पर चंद्रयान-2 को उड़ान भरनी थी …

इसरो के सह-निदेशक (जनसंपर्क) बीआर गुरुप्रसाद ने अगली तारीख को लेकर पहले ही कहा था कि, ‘‘प्रक्षेपण यान प्रणाली में टी-56 मिनट पर एक तकनीकी खामी दिखी। एहतियात के तौर पर चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण आज के लिए टाल दिया गया है।’’