coronavirus vaccine

देश में इन दिनों दो वैक्सीन का इस्तेमाल कोरोना टीकाकरण में किया जा रहा है। हैदराबाद की भारत बॉयोटेक की कोवैक्सिन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोवीशील्ड। इन दोनों वैक्सीन में अब तक कोविशील्ड को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है।

1 मार्च से शुरू हुए कोरोना वैक्सीनेशन के दूसरे फ्रेज़ में 60 साल से अधिक उम्र वाले साथ ही 45 साल से ऊपर के गंभीर बिमारियों से पीड़ित लोगों को टीका लगाया जा रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को मजबूती देने में जिस तेजी से हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने काम किया है, वह उल्लेखनीय है। जो लोग वैक्सीन लेने योग्य हैं, मैं उन सभी से वैक्सीन लगवाने की अपील करता हूं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोवैक्स (COVAX) साझा योजना के माध्यम से कोविड-19 वैक्सीन प्राप्त करने के कारण 92 गरीब देशों में लोगों में गंभीर दुष्प्रभाव होने पर नो-फॉल्ट मुआवजा योजना को लेकर सहमति जताई है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जरूरी नहीं है कि पहली डोज लेने के 28वें दिन ही दूसरी डोज लेनी है, चााहें तो आने वाले एक हफ्ते के भीतर दूसरी डोज ली जा सकती है।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव का कहना है कि कनाडा के प्रधानमंत्री ने किसान आंदोलन को लेकर भारत सरकार की ओर से किए जा रहे हैं बातचीत के प्रयासों की सराहना की है।

भारत अब कोरोना वायरस वैक्सीन की सप्लाई में भी दूसरे देशों से आगे रहने वाला है। कई देशों ने अभी से भारत से सरकारी स्तर पर डील करने का अनुरोध किया है। इस कैटेगरी में 92 देश हैं और इन्हें दी जाने वाली कोरोना वैक्सीन में अधिकांश हिस्सा भारत का रहने वाला है।

वैक्सीनेशन को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि देश में अब तक चार लोगों की डेथ हुई है जिन्होंने कोरोना वायरस का टीका लगवाया था। लेकिन इनमें से एक भी मौत टीका लगने की वजह से नहीं हुई है।

अमेरिका के सीडीसी (Centers for Disease Control and Prevention) के मुताबिक, फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन से कई लोगों में गंभीर एलर्जी पाई गई है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैक्सीन लगवाने के बाद लोगों को मामूली दिक्कत महसूस होगी जो आम बात है।

मंगलवार की सुबह कोविशील्ड वैक्सीन की पहली खेप पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया से रवाना हो चुकी है। केंद्र सरकार ने सोमवार को ऑक्सफोर्ड-एस्ट्रेजेनेका की वैक्सीन कोविशील्ड के लिए सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को ऑर्डर दिया था। यह ऑर्डर एक करोड़ 10 लाख डोज का है।