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दिबियापुर के मोहल्ला शास्त्री नगर निवासी ठेकेदार संजू तिवारी का 21 वर्षीय पुत्र विशाल तिवारी बीएससी फाइनल के स्टूडेंट हैं। सिविल सेवा में जाने की तैयारी में जुटे विशाल ने लॉकडाउन में सिंध के इतिहास पर 175 पृष्ठ वाली किताब लिखी है।

कोरोना संक्रमण काल के दौरान ईट भट्टा श्रमिकों को उनके घरों तक भेजे जाने के लिए जिलाधिकारी ने उत्तर मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक प्रयागराज को चिट्ठी लिखी है। जिसमें बताया गया है की 14 जून को फफूंद रेलवे स्टेशन पर जनपद में कार्यरत ईट भट्ठा मजदूरों को बिहार तक पहुंचाने के लिए ट्रेन को रोका जाएगा।

नगर पंचायतों अग्निशमन गेल एनटीपीसी के पास लगभग 10 से अधिक बड़े गाड़ी युक्त स्प्रेयर हैं साथ ही साथ जनपद में 30 से अधिक पानी के टैंकर हैं जिनका उपयोग दवाई के छिड़काव में किया जाएगा। कृषि विभाग ने 100 लीटर दवा का स्टाक किया है जिसका आवश्यकता पड़ने पर उपयोग किया जा सकेगा।

कुछ प्रवासी मजदूर पैदल चलकर अपने घरों को जा रहे थे जिनके पैरों में ना तो चप्पल थी और ना ही जेब में उन्हें खरीदने के लिए पैसे। इस पर वहां से गुजर रहे सांसद प्रतिनिधि भूपेश अग्रवाल ने उनके दर्द को समझा और आनन-फानन में उनके लिए बाजार से चप्पल मंगाई।

मंदिर पर प्रतिबंध के चलते सन्नाटा पसर गया है। जिससे मंदिर के पुजारी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहाकर अपनी बर्बादी बयां कर रहे हैं। श्रद्धालु भक्तगण मंदिरों पर लगे प्रतिबंध को हटाने के लिए अपनी आवाज उठाने लगे हैं।

हत्या करने के वालों को कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है । यह हत्या कोई और नहीं बल्कि मृतक के कलयुगी पुत्रों ने ही किया है।

अपर जिला अधिकारी रेखा एस चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि गत 1 अप्रैल को 13 जमाती खानपुर से पकड़े गए थे जिन्हें स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी करते हुए उनके सैंपल जांच के लिए भेजे थे।

ग्राम असेवा के कुछ ग्रामीणों से जब बात की गई तो उन्होंने इस लॉक डाउन के चलते अपना दर्द बयां किया और कहा कि सरकार द्वारा यदि उन्हें कुछ समय दिया जाता, जिससे कि वह अपनी रोजी-रोटी का जुगाड़ कर लेते। तब यह बंदी की जाती तो ज्यादा उचित होता ।

इस मंदिर का निर्माण करीब 2 वर्ष पूर्व राजा कर्ण द्वारा करवाया गया था। राजा कर्ण के बारे में यहां के श्रद्धालुओं में जनश्रुति है कि दानवीर राजा कर्ण देवी के आशीर्वाद से प्राप्त सवा मन सोना प्रतिदिन दीन दुखियों और अपनी प्रजा में बांटा करते थे क्योंकि राजा कर्ण ने खौलते हुए तेल में गिर कर अपना शरीर मां कर्णा देवी को दान कर दिया था।